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Giridih : गिरिडीह का हरसिंहरायडीह मोहल्ला। यह वही जगह है जहां कभी लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए सुबह से शाम तक गहमागहमी रहती थी। आज वहां सन्नाटा तो नहीं था, लेकिन हर चेहरे पर एक भारी उदासी पसरी थी। मौका था पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादशकर्म का। इस विदाई की घड़ी में जब सीएम हेमंत सोरेन उनके घर की दहलीज पर पहुंचे, तो माहौल और भी गमगीन हो गया। सीएम सीधे उस तस्वीर के सामने गए जिस पर फूलों की माला चढ़ी थी। हाथ जोड़कर कुछ पल चुपचाप खड़े रहे, फूल चढ़ाए और फिर गहरी सांस लेकर सिर झुका लिया। उनके चेहरे का खिंचाव बता रहा था कि उन्होंने सिर्फ अपनी कैबिनेट का एक साथी नहीं, बल्कि एक बेहद करीबी बड़ा भाई खोया है।


परिजनों के बीच पहुंचे सीएम, बोले- इस खालीपन को कभी भरा नहीं जा सकता
तस्वीर पर श्रद्धांजलि देने के बाद सीएम हेमंत सोरेन सीधे सुदिव्य सोनू के परिवार के बीच पहुंचे। सामने उनकी पत्नी, बेटा और बेटी बैठे थे, जिनकी आंखें आंसुओं से सूखी नहीं थीं। सीएम ने बेहद संजीदगी से परिजनों के पास बैठकर उनसे बात की, उनका हाथ थामा और ढांढ़स बंधाया। उन्होंने साफ कहा कि यह दुख सिर्फ एक परिवार का नहीं है, पूरी सरकार और पूरा झारखंड इस दर्द में उनके साथ खड़ा है। उनके साथ पहुंचीं विधायक कल्पना सोरेन ने भी परिवार की महिलाओं को संभाला और इस कठिन वक्त में हिम्मत बनाए रखने की बात कही।

मीडिया के सामने छलका सीएम का दर्द, कहा- ऐसा हौसला और जुनून हर किसी में नहीं होता
घर से बाहर निकलकर जब सीएम मीडिया के कैमरों के सामने आए, तो उनकी आवाज में एक अजीब सी खामोशी और ठहराव था। उन्होंने कहा कि सोनू भैया का यूं अचानक चले जाना दिल को झकझोर कर रख देता है। आज भी मेरा मन मानने को तैयार नहीं होता कि वे हमारे बीच मौजूद नहीं हैं। लेकिन विधि के इस कड़े विधान के आगे हम सब बेबस हैं। सीएम ने याद करते हुए कहा कि सोनू जी में गजब का हौसला और जनता के लिए काम करने का जुनून था। सरकार में मंत्री रहते हुए जिस सक्रियता से वे लोगों के मुद्दे उठाते थे, समाज को हमेशा वैसे ही जुझारू नेताओं की जरूरत रहती है। उन्होंने लंबे समय तक झारखंड को सही दिशा देने का काम किया और यह भरपाई इतनी आसानी से नहीं होने वाली।

पार्टी की सीमाएं टूटी, आम से लेकर खास तक हर आंख में दिखे आंसू
इस पूरे आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यहां राजनीति की कोई दीवार नजर नहीं आई। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, हर दल के नेता और कार्यकर्ता सिर्फ सोनू भैया को आखिरी विदाई देने पहुंचे थे। हरसिंहरायडीह की गलियों में खड़े आम लोगों से भी सीएम ने मुलाकात की और उनका हाल जाना। कार्यक्रम में सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जो भी आया, नम आंखों से यही कहता दिखा कि सुदिव्य सोनू भले आज हमारे बीच सशरीर न हों, लेकिन अपने जिंदादिल मिजाज और काम की बदौलत वे हमेशा गिरिडीह और झारखंड की यादों में जिंदा रहेंगे।

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