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Lucknow: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने छह और प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने इस सूची में तीन स्नातक और तीन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे हैं। छह नामों के ऐलान के साथ ही भाजपा ने चुनाव में होने वाली सभी 11 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की सूची पूरी कर दी है। भाजपा की नई सूची में वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी को टिकट दिया गया है।
BJP releases a list of candidates for MLC elections in Bihar and Uttar Pradesh. pic.twitter.com/tUolvdcwlf
— ANI (@ANI) September 29, 2026
छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित
भाजपा इससे पहले विधान परिषद की पांच सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी थी। अब छह और उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद पार्टी ने सभी 11 सीटों के लिए अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। चुनाव में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मुकाबला होना है। पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार अब अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों में जुटेंगे। नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ प्रत्याशियों का मतदाताओं से संपर्क भी बढ़ेगा। इन सीटों पर स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
6 अक्टूबर तक नामांकन, 23 को वोटिंग
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीटें शामिल हैं। भाजपा की ओर से सभी सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। आने वाले दिनों में प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार अभियान तेज करेंगे और मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
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