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Patna : प्रदेश के सभी 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। फुलवारीशरीफ उच्च विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में दीप जलाकर ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस मौके पर सीएम सम्राट चौधरी ने खुद केंद्र पर पहुंचकर बच्चों और महिलाओं से सीधा संवाद किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बच्चों ने सुनाई कविता, महिलाओं की हुई गोदभराई
कार्यक्रम में पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी ने केंद्र के नन्हे-मुन्ने बच्चों से बातचीत की। बच्चों ने अपना परिचय दिया और कविताएं भी सुनाईं, जिस पर सीएम सम्राट चौधरी ने उनकी पीठ थपथपाते हुए मिठाइयां बांटीं। इसके बाद उन्होंने समाज कल्याण विभाग और आईसीडीएस के स्टॉल्स का मुआयना किया। यहां उन्होंने कई महिलाओं की गोदभराई की और छोटे बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थी महिलाओं को सांकेतिक चेक और पौष्टिक किट सौंपी गई। बेहतर काम करने वाली सेविका, सहायिका और आशा दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान ‘सुपोषित बचपन की रसोई’ पुस्तिका का विमोचन भी हुआ।

लाभार्थियों ने साझा किए अनुभव, खिलौनों की मांग पर मिला भरोसा
संवाद के दौरान लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि योजनाओं से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल वे खान-पान और स्वास्थ्य पर कर रही हैं। केंद्रों पर नियमित टीकाकरण, वजन और लंबाई की जांच की सुविधा मिल रही है। बातचीत के बीच एक महिला ने केंद्रों में बच्चों के खेलने के लिए खिलौनों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और बेहतर कैसे बनें, इसके लिए लोग अपने सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचाएं, ताकि जरूरी सुधार तुरंत किए जा सकें।

भवनहीन केंद्रों को मिलेगी अपनी छत, पोषण पर रहेगा पूरा जोर
सीएम ने कहा कि सरकार जनता के द्वार जाकर मदद पहुंचाने के लिए काम कर रही है। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना पक्का भवन नहीं है, वहां जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश में करीब 1 लाख 15 हजार सेविका और सहायिकाएं जमीनी स्तर पर सेवा दे रही हैं। हर केंद्र पर बच्चों को नियमित पौष्टिक खाना, फल और दूध मिले, इसके पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों और कर्मियों से अपील की कि वे गांव के हर छोटे बच्चे को केंद्र से जोड़ें, ताकि सही उम्र में सही पोषण और पढ़ाई मिल सके।

कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, सांसद रविशंकर प्रसाद और विधायक श्याम रजक समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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