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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने अब पूरी तरह कमर कस ली है। उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय में जिला खनन टास्क फोर्स की अहम बैठक हुई। बैठक में डीसी ने साफ शब्दों में अफसरों को चेताया कि अवैध खनन पर किसी भी सूरत में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने इलाकों में लगातार छापेमारी करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधी कार्रवाई करें।
गाड़ियों के चालान और कोयला चोरी पर कड़ा पहरा
उपायुक्त ने अधिकारियों को आदेश दिया कि खनिज ढोने वाले सभी वाहनों और उनके चालानों की हर स्तर पर सघन जांच की जाए। किसी भी फर्जीवाड़े या बिना चालान के गिट्टी, बालू या कोयला ले जाने वालों को तुरंत पकड़ा जाए। इसके साथ ही उन्होंने कोयला चोरी पर लगाम लगाने के लिए गश्ती बढ़ाने को कहा। परिवहन व्यवस्था पर जोर देते हुए उन्होंने साफ किया कि कोयला ले जाने वाले ट्रकों और हाइवा को तिरपाल से अच्छी तरह ढकना जरूरी है। अगर कोई भी वाहन बिना तिरपाल ढके सड़कों पर दिखा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना तय है।
राजस्व लक्ष्य की आधी वसूली पूरी, जर्जर सड़कों की मरम्मत के आदेश
बैठक में विभाग की ओर से राजस्व वसूली का ब्योरा भी रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय 2650 करोड़ 42 लाख रुपये के भारी-भरकम लक्ष्य के मुकाबले 28 सितंबर तक 1332 करोड़ 66 लाख रुपये का राजस्व जुटा लिया गया है। वहीं भारी वाहनों की आवाजाही से अमड़ापाड़ा क्षेत्र की बदहाल सड़कों पर भी चर्चा हुई। डीसी ने सड़कों की खस्ता हालत पर नाराजगी जताते हुए डीबीएल और बीजीआर कंपनियों को निर्देश दिया कि वे तुरंत इन जर्जर सड़कों की मरम्मत का काम पूरा करें, ताकि आम जनता को धूल और गड्ढों की परेशानी से राहत मिल सके।
15 अक्टूबर तक एनजीटी के नियमों का पालन जरूरी
डीसी ने जिले के बाकी बचे बालू घाटों के लिए ग्राम सभा की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए, जिससे आगे की नीलामी और संचालन में रुकावट न आए। उन्होंने आम जनता से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान देने को कहा। सीपीग्राम और पीजी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर करने की हिदायत दी गई। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के सभी पर्यावरण दिशा-निर्देशों का हर हाल में 15 अक्टूबर तक पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
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