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News Samvad : एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। एथलेटिक्स में भारत ने आखिरकार स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म कर दिया। महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने बेहतरीन दौड़ लगाते हुए सोना अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत ने एथलेटिक्स में मंगलवार को कुल पांच पदक जीते। इनमें एक स्वर्ण, एक रजत नहीं बल्कि चार कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ एशियन गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 50 के पार पहुंच गई।
महिला 4×400 मीटर रिले में भारत ने जीता पहला गोल्ड
महिला 4×400 मीटर रिले में किरण पहल, पूवम्मा माचेतिरा, प्राची और वित्या रामराज की भारतीय चौकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रेस के दौरान भारतीय धाविकाओं ने शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाए रखी और आखिरी चरण में भी बढ़त को बरकरार रखा। बहरीन की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि चीन को कांस्य पदक मिला। यह पदक भारतीय एथलेटिक्स के लिए खास रहा, क्योंकि इसी के साथ इन एशियन गेम्स में एथलेटिक्स में भारत का स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म हुआ। खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पूरे भारतीय दल को बड़ी राहत दी।
भारत ने 4×100 मीटर मिश्रित रिले में भी पदक जीता। गुरिंदरवीर सिंह, अनिमेष कुजूर, स्नेहा सत्यनारायण और हरिता भद्रा की टीम ने 41.06 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। यह भारतीय टीम का इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में भी भारतीय धावकों ने पोडियम पर जगह बनाई। धर्मवीर चौधरी, मनु थेकिनिल, जय कुमार और विशाल टीके की चौकड़ी ने 3 मिनट 01.61 सेकेंड का समय निकाला। यह भारतीय टीम का सीजन का सर्वश्रेष्ठ समय रहा और टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
पूजा सिंह और गुलवीर ने भी बढ़ाया भारत का पदक खाता
महिलाओं की ऊंची कूद में पूजा सिंह ने 1.84 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता। पूजा ने 1.84 मीटर तक की सभी ऊंचाइयों को बिना किसी असफल प्रयास के पार किया। एक समय वह स्वर्ण पदक की दौड़ में भी बनी हुई थीं, लेकिन 1.87 मीटर की ऊंचाई उनके लिए चुनौती साबित हुई। उन्होंने इस ऊंचाई को पार करने के तीनों प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने एक और पदक अपने नाम किया। उन्होंने 13 मिनट 32.75 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। यह इन एशियन गेम्स में गुलवीर का तीसरा व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले वह 1500 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीत चुके हैं।
गुलवीर इस प्रदर्शन के साथ एक ही एशियन गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष एथलीट बन गए। हालांकि, 1951 के दिल्ली एशियन गेम्स में लेवी पिंटो ने 100 मीटर और 200 मीटर में स्वर्ण तथा 4×100 मीटर रिले में रजत पदक जीता था। पीटी उषा ने 1986 के सोल एशियन गेम्स में चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था। केएम बीनामोल ने 2002 के बुसान एशियन गेम्स में तीन पदक अपने नाम किए थे।
कई स्पर्धाओं में पदक से चूका भारत
मंगलवार को कुछ स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा भी हाथ लगी। पुरुषों के पोल वॉल्ट में देव कुमार मीणा ने 5.50 मीटर की छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, लेकिन वह सातवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में पूजा ओल्ला सातवें स्थान पर रहीं, जबकि पुरुषों की 800 मीटर में मोहम्मद अफजल आठवें स्थान पर रहे। महिलाओं के हैमर थ्रो में भी भारत की तान्या चौधरी और अनुष्का यादव पदक हासिल नहीं कर सकीं। इसके बावजूद एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने मंगलवार को पदकों की संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत ने 2026 एशियन गेम्स में एथलेटिक्स अभियान का अंत 24 पदकों के साथ किया। इनमें एक स्वर्ण, नौ रजत और 14 कांस्य पदक शामिल रहे। हालांकि, पिछले एशियन गेम्स की तुलना में इस बार भारत का प्रदर्शन पदकों के लिहाज से कम रहा। हांगझोउ में 2023 में भारतीय एथलीटों ने छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य समेत कुल 29 पदक जीते थे। इस बार एथलेटिक्स में भारत को सिर्फ एक स्वर्ण मिला, लेकिन महिला 4×400 मीटर रिले और गुलवीर सिंह के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने भारतीय खेल प्रेमियों को यादगार पल जरूर दिए।



