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Ranchi : मंगलवार की सुबह रांची की सड़कों का नजारा आम दिनों से काफी अलग था। करमटोली चौक, रेडियम चौक और कटहल मोड़ जैसे व्यस्त इलाकों में जब पुलिसकर्मियों ने गाड़ियां रोकीं, तो कई ड्राइवरों को लगा कि आज जेब हल्की होगी। लेकिन अगले ही पल जब खुद ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और डीएसपी मुस्कुराते हुए आगे आए और बोले कि भाई साहब, जरा सीट बेल्ट बांध लीजिए, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है, तो लोगों के चेहरे की हवाइयां राहत भरी मुस्कान में बदल गईं। जिले के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर चल रहे सात दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान के दूसरे दिन का पूरा जोर इस बात पर रहा कि लोग डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा की खातिर सीट बेल्ट और हेलमेट का इस्तेमाल अपनी आदत बना लें।

रिंग रोड से लेकर शहर के भीतरी रास्तों तक, 13 जगहों पर दिखा खाकी का संवेदनशील चेहरा
यह पूरा अभियान महज कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन पर इसका असर साफ नजर आया। शहर के भीतर जाकिर हुसैन पार्क, शालीमार बाजार, बिग बाजार और डोरंडा के बिशप स्कूल के पास से लेकर रिंग रोड, खेलगांव चौक और ओरमांझी के माउंट कार्मल स्कूल तक, कुल 13 प्रमुख ठिकानों पर पुलिस मुस्तैद रही। करमटोली चौक पर ट्रैफिक एसपी और डीएसपी प्रथम ने खुद कमान संभाल रखी थी। उन्होंने कार चालकों से लेकर ट्रक ड्राइवरों, ऑटो और टोटो चालकों तक से रुककर बात की। स्कूल छूटने के वक्त अभिभावकों और बच्चों को भी पास बुलाकर समझाया गया कि सड़क पर एक छोटी सी भूल पूरे परिवार को उम्र भर का दर्द दे सकती है।

नाबालिगों को चाबी न सौंपने की गुहार और 1211 लोगों का सुरक्षा संकल्प
दिन भर चले इस अभियान के दौरान करीब 1211 वाहन चालकों, राहगीरों और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया गया। एसपी राकेश रंजन के साथ पुलिस अफसरों ने लोगों को समझाया कि चार पहिया में बैठते ही सीट बेल्ट लगाना और दो पहिया पर हेलमेट पहनना कोई मजबूरी नहीं, जिंदगी की जरूरत है। इसके साथ ही सिग्नल न तोड़ने, ओवरस्पीडिंग से बचने और ऑटो में क्षमता से ज्यादा सवारी न बैठाने की नसीहत दी गई। सबसे भावुक अपील अभिभावकों से रही कि वे प्यार के चक्कर में कम उम्र बच्चों के हाथ में गाड़ी की चाबी न थमाएं। रांची ट्रैफिक पुलिस का साफ कहना है कि सड़क पर व्यवस्था तभी सुधरेगी जब हर नागरिक इसे अपनी जिम्मेदारी समझेगा, क्योंकि महफूज सफर की शुरुआत नियमों के सम्मान से ही होती है।

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