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Ranchi : झारखंड पुलिस मुख्यालय के सभागार में मंगलवार को राज्य भर के पुलिसकर्मियों की सेवा से जुड़े मामलों और थानों के मालखानों की स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। डीजीपी तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में एसीपी, एमएसीपी, प्रोन्नति और मालखानों के लंबित प्रभार को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए। बैठक में मुख्यालय के आला अधिकारियों के साथ-साथ सभी जिलों के एसएसपी और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
प्रमोशन और वित्तीय लाभ के मामलों में तेजी लाने का हुक्म
डीजीपी ने बैठक में साफ कहा कि पुलिसकर्मियों, ट्रेड चालकों, आर्मोरर और हवलदार संवर्ग के एसीपी और एमएसीपी से जुड़े मामलों को जिला स्तर पर ही तेजी से निपटाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जो पुलिसकर्मी अगले एक साल के भीतर रिटायर होने वाले हैं, उनके वित्तीय उन्नयन के मामलों को पहली प्राथमिकता में रखकर पूरा किया जाए। इसके साथ ही पहले से सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों के बकाए मामलों को भी जल्द सुलझाने को कहा गया है। आरक्षी से हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक और पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) के पद पर लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मालखाना और केस के अटके प्रभार पर कड़ा रुख
बैठक के दौरान थानों के मालखानों की अव्यवस्था और पुराने प्रभार पर खास चर्चा हुई। डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को ऐसे थानों की पहचान करने को कहा, जहां से पुराने पुलिस पदाधिकारियों का तबादला तो हो चुका है, लेकिन उन्होंने अब तक केस डायरी या मालखाने का प्रभार नए अधिकारियों को नहीं सौंपा है। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्तमान थाना प्रभारियों के साथ तालमेल बिठाकर इन सभी मामलों और मालखानों का विधिवत हैंडओवर तुरंत कराया जाए। इसके अलावा मालखानों के रजिस्टरों को अपडेट करने और सामान के सही रखरखाव पर भी जोर दिया गया।
पुलिस सभा में सुनें समस्याएं, 15 दिनों में दें रिक्तियों की रिपोर्ट
जवानों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने जिलों में नियमित रूप से पुलिस सभा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा राज्य में पुलिस बल की कमी को देखते हुए डीजीपी ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि वे रिक्त पदों में से 50 फीसदी पदों का रोस्टर क्लीयरेंस कराएं और अलग-अलग संवर्ग में खाली पदों की पूरी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर पुलिस मुख्यालय को भेजें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक से लैस होनी चाहिए।
इस बैठक में एडीजी मुख्यालय मनोज कौशिक, आईजी पंकज कम्बोज, आईजी पटेल मयूर कनैयालाल और डीआईजी इंद्रजीत महथा सहित मुख्यालय के कई वरीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
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