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Ranchi : रविवार की दोपहर सीएम आवासीय कार्यालय का माहौल आम दिनों से एकदम जुदा था। वहां न तो फाइलों का कोई तनाव था और न ही गंभीर सियासी हलचल। मौका था एशियन गेम्स 2026 में देश को स्वर्ण पदक दिलाकर लौटी झारखंड की चार बेटियों के स्वागत का। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे, अनुभवी निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग जब सीएम आवास की दहलीज पर पहुंचीं, तो सीएम हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने आगे बढ़कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सीएम ने खुद अपने हाथों से बेटियों का मुंह मीठा कराया, पारंपरिक अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया और कहा कि आज पूरा राज्य अपनी इन बेटियों के आगे नतमस्तक है।

सीएम ने पूछा- आखिरी मिनटों में दिल की धड़कनें कैसी थीं?
औपचारिक मुलाकातों से अलग यह बातचीत बेहद आत्मीय और खेल की बारीकियों से भरी रही। सीएम हेमंत सोरेन ने खिलाड़ियों के साथ बैठकर एशियन गेम्स के हर एक कड़े मुकाबले की दास्तान सुनी। सीएम ने सलीमा टेटे से पूछा कि फाइनल के दबाव वाले पलों में टीम ने खुद को कैसे शांत रखा। इस पर खिलाड़ियों ने मैदान की अपनी रणनीति, कड़े फिटनेस रूटीन और एक-दूसरे पर भरोसे की कहानियां साझा कीं। सीएम ने कहा कि यह सिर्फ एक मेडल नहीं है, बल्कि सिमडेगा और खूंटी की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रचा गया वह इतिहास है, जो बरसों तक याद रखा जाएगा।

बांस की खपच्चियों से एशियन गेम्स के पोडियम तक का सफर
इन चारों बेटियों की कामयाबी के पीछे एक लंबा और बेहद कठिन संघर्ष छिपा है। एक वक्त था जब टूटी हॉकी स्टिक और उबड़-खाबड़ मैदानों में अभ्यास करके इन लड़कियों ने अपने सपने बोए थे। आज उन्हीं हाथों में देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान चमक रहा है। बातचीत के दौरान विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि झारखंड की बेटियों की यह चमक केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं है, यह उन लाखों बहनों और बेटियों को हिम्मत देती है जो अभावों के बीच अपने सपनों को सच करने की लड़ाई लड़ रही हैं। यह जीत बताती है कि अगर इरादे पक्के हों, तो साधन कभी आड़े नहीं आते।

हर पंचायत से नई सलीमा और निक्की तराशने की तैयारी
सीएम ने खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि राज्य सरकार अब केवल तालियां बजाने तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को हर आधुनिक सुविधा और मंच देने के लिए जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य गांव-कस्बों के खेल मैदानों को मजबूत करना है ताकि आने वाले दिनों में हर जिले से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलें। इस भावुक और प्रेरक मुलाकात के दौरान हॉकी झारखंड के डीजी विजय शंकर सिंह, इंटरनेशनल रेसलिंग कोच-सह-सीईओ रजनीश कुमार और जनरल सेक्रेटरी मनोज कुमार प्रसाद भी मौजूद रहे, जिन्होंने खेल प्रतिभाओं को लगातार तराशने का भरोसा दिया।

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