Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, 4 May, 2026 • 10:22 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » नारी शक्ति वंदन विधेयक को कोर्ट के चक्कर में फंसाना चाहते हैं नीतीश : सुशील मोदी
बिहार

नारी शक्ति वंदन विधेयक को कोर्ट के चक्कर में फंसाना चाहते हैं नीतीश : सुशील मोदी

September 22, 2023No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
सुशील मोदी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Patna : राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि नीतीश कुमार, राबड़ी देवी और कांग्रेस के जो लोग महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने के लिए दबाव बना रहे हैं, वे चाहते हैं कि यह विधेयक संसद से पारित होते ही सुप्रीम कोर्ट में जाकर फंस जाए।

सुशील मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक लोकसभा में दो तिहाई से भी अधिक बहुमत से पारित कराने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिली सफलता विपक्ष को पच नहीं रही। इसलिए वे इसके लागू होने पर संदेह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पूरी वैधानिकता के साथ 2029 में अवश्य लागू होगा। यह भरोसा रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिना जनगणना कराए सरकार यह नहीं तय कर सकती कि कितनी और कौन-कौन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।आजादी के बाद से यही परम्परा रही कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन आयोग आरक्षित सीटों का निर्धारण करता है। जो लोग जल्दबाजी में महिला आरक्षण को 2024 के संसदीय चुनाव से लागू कराने की बात कर रहे हैं, वही ऐसे कदम के खिलाफ सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

उन्होंने कहा 1991 में नरसिंह राव की सरकार ने कार्यपालक आदेश जारी कर ऊंची जाति के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण दे दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक घोषित कर आरक्षण रद कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में जब संविधान संशोधन बिल पास करा कर सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण दिया, तब यह न्यायालय में खरा साबित हुआ। यही आरक्षण आज लागू है। महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला करने और इसे लागू करने में एनडीए सरकार कोई वैधानिक त्रुटि नहीं छोड़ सकती।

इसे भी पढ़ें : संसद ने किया नारी शक्ति को वंदन, 33% महिला आरक्षण को दी मंजूरी

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleभारत से कुछ और राजनयिकों को वापस बुलाएगी कनाडा सरकार
Next Article हमलोग तो शुरू से चाहते थे कि महिला आरक्षण बिल पास हो : नीतीश

Related Posts

Headlines

शहाबुद्दीन के MLA बेटे के ठिकानों पर रेड, 2 घंटे तक मची खलबली

May 4, 2026
Headlines

आधी रात टली अनहोनी : विक्रमशिला सेतु का पिलर 133 धंसा, 33 मीटर हिस्सा गंगा में समाया

May 4, 2026
बिहार

अमित शाह से सीएम सम्राट की हाई लेवल मीटिंग, कैबिनेट विस्तार तय

May 3, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

फाइलों की सुरक्षा को लेकर बंगाल में हाई अलर्ट, कॉपी और मूवमेंट पर रोक

May 4, 2026

बंगाल फतह पर पीएम मोदी बोले- ऐतिहासिक जनादेश, कमल खिल उठा

May 4, 2026

अब अपराध पर आसमान से वार, धनबाद पुलिस ने शुरू किया हाईटेक ऑपरेशन

May 4, 2026

असम, पुडुचेरी और बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का पाकुड़ में जश्न

May 4, 2026

‘खौफ का कमांडर’ पुलिस के शिकंजे में, लेवी नहीं देने पर बरसाता था गोलियां

May 4, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.