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Patna : बिहार के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए शिक्षा विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। सरस्वती विद्या निकेतन की तर्ज पर तैयार किए गए राज्य के 700 मॉडल स्कूलों में बुधवार को एक साथ बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। राजधानी पटना के 32 स्कूलों समेत पूरे राज्य के चिन्हित विद्यालयों में सुबह-सुबह शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान सिर्फ कमरों की सफाई या हाजिरी ही नहीं जांची गई, बल्कि क्लासरूम में पढ़ाई के तरीके, बच्चों को मिल रही सुविधाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चल रही बिहार स्कूल लाइव क्लासेज की जमीनी हकीकत भी परखी गई।

हर हफ्ते स्कूल पहुंचेंगे नोडल अफसर
विभाग ने साफ कर दिया है कि यह जांच सिर्फ एक दिन का दिखावा नहीं है। अब हर स्कूल के लिए तैनात नोडल अधिकारी सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से वहां पहुंचेंगे। वे देखेंगे कि पढ़ाई का स्तर कैसा है और बच्चों को दिए गए संसाधन सही तरीके से काम आ रहे हैं या नहीं। शिक्षा विभाग का मानना है कि लगातार निगरानी रखने से ही इन मॉडल स्कूलों में आए बदलाव को बनाए रखा जा सकता है। अधिकारियों ने स्कूल के शिक्षकों और प्राचार्यों के साथ बैठकर बातचीत की और कमियों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
पीटीएम में अभिभावकों से सीधा संवाद
जांच के साथ-साथ बुधवार को इन सभी 700 स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी पीटीएम का भी आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे अपने माता-पिता के साथ पहुंचे। नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि उनके बच्चे पढ़ाई में कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें कहां मदद की जरूरत है। अधिकारियों ने अभिभावकों से कहा कि वे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और स्कूल के साथ लगातार जुड़े रहें। विभाग ने तय किया है कि ऐसी अभिभावक संगोष्ठी अब हर तीन महीने में कराई जाएगी, ताकि बच्चों की प्रगति पर बराबर नजर बनी रहे।
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