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Patna : बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सम्राट सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की जीविका दीदियों को अब पारंपरिक कार्यों के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की टीमें दीदियों को विशेष ट्रेनिंग दे रही हैं, जिससे उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एक नई पहचान मिल सके।
बिहार में इस समय करीब 13 लाख स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं, जिनसे 1 करोड़ 81 लाख से भी ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। हर समूह में औसतन 10 से 12 दीदियां मिलकर रोजगार और आजीविका से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां चला रही हैं। इन महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, जीविका लाइब्रेरी, नर्सरी और दीदी की रसोई जैसे कामों का पूरा जिम्मा बखूबी संभाल रखा है।
अब हर पंचायत में संभालेंगी डेयरी की कमान
ग्रामीण विकास विभाग जीविका दीदियों के दायरे को और बढ़ाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में राज्य की हर ग्राम पंचायत में इन दीदियों को डेयरी संचालन की जिम्मेदारी सौंपने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग दूसरे सरकारी विभागों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि दीदियों की आमदनी को और बढ़ाया जा सके।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जीविका दीदियों के लिए विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था जल्द से जल्द पक्की की जाए। मंत्री के निर्देशों के बाद जीविका के अधिकारी अलग-अलग जिलों में ट्रेनिंग सत्र आयोजित कर रहे हैं। इन सत्रों में विशेषज्ञों की टीमें दीदियों को पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और अन्य क्षेत्रों में कौशल विकास के गुर सिखा रही हैं।
फ्लिपकार्ट के विशेषज्ञों ने सिखाए ऑनलाइन बिक्री के गुर
दीदियों को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए हाल ही में हाजीपुर के बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान में एक बड़ा ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इस कैंप में 250 से ज्यादा जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया। यहाँ ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के विशेषज्ञों ने दीदियों को सिखाया कि वे अपने सामान को ऑनलाइन कैसे बेच सकती हैं और डिजिटल मार्केटप्लेस का इस्तेमाल करके अपने बिजनेस को कैसे बड़ा बना सकती हैं।
सरकार दे रही है हर कदम पर साथ
राज्य सरकार जीविका दीदियों को आगे बढ़ाने के लिए हर स्तर पर मदद कर रही है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार खुद कई बार इन महिलाओं के काम की तारीफ कर चुके हैं। सरकार की तरफ से दीदियों को बैंक से लोन दिलाने और हर तरह की आर्थिक मदद मुहैया कराने के लिए विभाग लगातार काम कर रहे हैं ताकि ग्रामीण इलाकों की ये महिलाएं आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकें।
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