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Patna : राज्य में चल रहे बड़े पुलों और सड़कों के निर्माण कार्य को तय समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों और संवेदकों को दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करें, ताकि जनता को जाम से मुक्ति मिले और आवागमन सुगम हो सके।
कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन पुल बनकर लगभग तैयार, बख्तियारपुर-ताजपुर का काम तेज करने का आदेश
समीक्षा के दौरान मंत्री ने राज्य के प्रमुख पुलों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में बताया गया कि कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच बन रहे 6-लेन गंगा पुल का काम लगभग सौ फीसदी पूरा हो चुका है। टोल प्लाजा का सिविल कार्य भी समाप्त हो गया है। पटना के सबलपुर से बिदुपुर और पटना-बख्तियारपुर बाईपास को जोड़ने वाले इस पुल के चालू होते ही राजधानी से उत्तर बिहार की राह बेहद आसान हो जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा पुल का कार्य अब तक करीब सत्तर फीसदी पूरा हुआ है। इसका ताजपुर-चकलालशाही हिस्सा बन चुका है, जबकि चकलालशाही-डुमरी और बहादुरपुर से करजान सेक्शन को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने इस पुल के बाकी बचे काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। इसके अलावा मीठापुर-सिपारा-माहुली-पुनपुन परियोजना के तहत सिपारा आरओबी के शेष कार्य के लिए रेलवे से ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लेकर इसे जल्द से जल्द निपटाने को कहा गया। दीघा से कोइलवर 35.65 किलोमीटर विस्तार कार्य के लिए जमीन अधिग्रहण और विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से संवरेंगे राज्य उच्च पथ, बेतिया-नरकटियागंज रोड नवंबर तक पूरी होगी
एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से चल रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को वन विभाग की एनओसी और जमीन अधिग्रहण से जुड़े पेंच तुरंत सुलझाने को कहा। बिहार स्टेट हाइवे प्रोजेक्ट के तहत छह स्टेट हाइवे के चौड़ीकरण का काम जारी है। इसमें एसएच-105 बेतिया-नरकटियागंज सड़क को नाला निर्माण सहित हर हाल में नवंबर तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके साथ ही मुंगेर-सुलतानगंज और सुलतानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ के भूमि अधिग्रहण और संवेदक करार की स्थिति भी परखी गई।
दरभंगा एलिवेटेड, गया फ्लाईओवर और पटना की अंदरूनी कनेक्टिविटी पर रहेगा खास जोर
बैठक में उत्तर और दक्षिण बिहार के अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई। दरभंगा स्टेशन से आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे तक बन रहे 13.17 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और गया में घुघरीटांड़ तथा मानपुर की तरफ बन रहे फ्लाईओवरों के काम की समीक्षा की गई। राजधानी पटना के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए पटेल गोलंबर से अटल पथ, भद्र घाट से दीदारगंज, मंदिरी नाला से जेपी गंगा पथ और पाटलि पथ से नेहरू पथ कनेक्टिविटी के कार्यों को भी समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि दूर-दराज के इलाकों को सीधे राजधानी से जोड़ना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि रेलवे, बिजली बोर्ड और जिला प्रशासन से लगातार तालमेल बनाए रखें ताकि कागजी अड़चनों की वजह से सड़क निर्माण का काम न रुके। बैठक में विभाग के अभियंता प्रमुख और बीएसआरडीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कार्यदायी एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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