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Patna : बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों की तस्वीर अब तेजी से बदलने लगी है। राज्य के तकनीकी संस्थानों में इस साल कुल सीटों के मुकाबले 98 प्रतिशत दाखिले पूरे हो चुके हैं, जो कि पिछले वर्षों के मुकाबले एक बड़ा उछाल है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र को लेकर अपनी प्राथमिकताओं और कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। विभागीय मंत्री शीला कुमारी ने राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की 20 ब्रांचों को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन यानी एनबीए की मान्यता मिल चुकी है। वहीं 32 अन्य संस्थानों के 42 पाठ्यक्रमों की जांच और मूल्यांकन का काम अभी चल रहा है।
रिसर्च फंड सीधे 10 गुना बढ़ाने की तैयारी, दो नए तकनीकी विश्वविद्यालय बनेंगे
तकनीकी शिक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब तक कॉलेजों को रिसर्च के लिए 2 से 3 लाख रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर अब प्रति प्रोजेक्ट 20 से 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कॉलेजों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे नए विषयों पर विशेष रिसर्च कराई जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को विश्वविद्यालयों में बदलने की योजना पर भी मुहर लग गई है। मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

छात्र सीखेंगे विदेशी भाषा, किराए पर मकान लेकर दिए जाएंगे हॉस्टल
छात्रों को विदेशों में नौकरियां दिलाने के लिए सरकार उन्हें कॉलेज में ही जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा की ट्रेनिंग दिलाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोजर विजिट भी कराई जाएगी। शिक्षकों को आधुनिक तकनीक सिखाने के लिए गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर एआई ट्रेनिंग का खाका तैयार हो चुका है। प्लेसमेंट के मोर्चे पर मधुबनी पॉलिटेक्निक ने मिसाल पेश करते हुए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट दिया है और अब बाकी कॉलेजों में भी इसी तर्ज पर काम हो रहा है। जिन कॉलेजों के पास फिलहाल अपने हॉस्टल नहीं हैं, वहां छात्रों की सुविधा के लिए सरकार किराए पर मकान लेकर हॉस्टल की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा प्रमंडल स्तर पर पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। विभाग में कामकाज को तेज करने के लिए बेल्ट्रॉन के जरिए यंग प्रोफेशनल्स की बहाली भी जल्द शुरू होने जा रही है।
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