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Patna : बिहार के उन छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है, जो डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस और दूसरे शहरों में रहने का खर्च उठा पाना उनके लिए मुश्किल है। अब ऐसे विद्यार्थियों को जेईई और नीट की तैयारी के लिए घर से दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार सरकार ने पटना के 10 मॉडल स्कूलों में लाइव क्लासेज के माध्यम से नीट और जेईई की तैयारी शुरू करा दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को इन स्कूलों में लाइव क्लासेज का शुभारंभ किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का रास्ता आसान हो गया है।
स्कूल में पढ़ाई भी, घर बैठे ऑनलाइन क्लास भी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्र-छात्राएं अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकेंगे। विद्यार्थी संबंधित मॉडल स्कूलों में जाकर लाइव क्लासेज में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी इन कक्षाओं का लाभ ले सकेंगे। इससे उन विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और बड़े शहरों में जाकर कोचिंग करने में सक्षम नहीं हैं। सरकार की कोशिश है कि अच्छी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा छात्रों को उनके घर के पास ही मिल सके।
सात निश्चय-3 के तहत शुरू हुआ पूरा कार्यक्रम
यह पूरी पहल राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025-30) के तहत शुरू की गई है। इसके लिए “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” योजना बनाई गई है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार ने राज्य के सभी जिला स्कूलों और हर प्रखंड के एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मिलाकर कुल 544 स्कूलों का चयन सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालय के रूप में किया है। इन स्कूलों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके अलावा पहले से संचालित 155 राजकीय और राजकीयकृत विद्यालयों को भी इस योजना के तहत उन्नत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शहरों के साथ-साथ गांवों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर मिले।
544 मॉडल स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी
फिलहाल पटना के 10 मॉडल स्कूलों में लाइव क्लासेज की शुरुआत की गई है। आने वाले दिनों में इस सुविधा का विस्तार राज्य के सभी चयनित मॉडल स्कूलों तक किया जाएगा। इससे बिहार के अलग-अलग जिलों और प्रखंडों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को अपने ही क्षेत्र में नीट और जेईई की तैयारी करने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग ने इसके विस्तार को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की योजना है कि विद्यार्थी स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकें। इससे उन्हें अलग से महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
पटना के इन 10 स्कूलों में शुरू हुई लाइव क्लासेज
पटना में जिन 10 सरस्वती विद्या निकेतन यानी मॉडल स्कूलों में जेईई और नीट की तैयारी के लिए लाइव क्लासेज शुरू की गई हैं, उनमें शामिल हैं…
- वीरचंद पटेल पथ स्थित देवीपद चौधरी शहीद स्मारक (मिलर) उच्च माध्यमिक विद्यालय
- डीवीआरके जलान उच्च माध्यमिक विद्यालय, पटना सिटी
- जनकधारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, दानापुर कैंट
- केबी सहाय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शेरूल्लाहपुर
- महंथ हनुमान शरण उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजापुर मैनपुरा
- राजकीय ब्वायज हाई स्कूल, राजेंद्र नगर
- शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गर्दनीबाग
- श्री रघुनाथ प्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल, कंकड़बाग
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पटना सिटी
- राजकीय गर्ल्स उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर
गांव के बच्चों को भी मिलेगा बड़े शहरों जैसा मौका
सरकार की इस योजना का सबसे बड़ा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से कोटा, पटना या दूसरे बड़े शहरों में जाकर कोचिंग नहीं कर पाते हैं। अब उन्हें अपने स्कूल और घर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि प्रतिभा किसी एक शहर तक सीमित नहीं है। जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाओं की है। मॉडल स्कूलों के जरिए विद्यार्थियों को यही सुविधा उनके घर के पास उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
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