Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 5 November, 2026 • 05:22 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में फर्जीवाड़े की आशंका, 15 निजी कॉलेज रडार पर
बिहार

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में फर्जीवाड़े की आशंका, 15 निजी कॉलेज रडार पर

January 31, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
बिहार
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto

Patna : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर अब शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। योजना के तहत लगातार बढ़ते एजुकेशन लोन के आवेदनों को देखते हुए विभाग को आशंका है कि कहीं कुछ निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा सरकारी राशि के दुरुपयोग की कोशिश तो नहीं की जा रही है।

इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने राज्य के 6 जिलों के 15 निजी शिक्षण संस्थानों की भौतिक और स्थलीय जांच कराने का आदेश दिया है।

किन जिलों के संस्थानों की होगी जांच

पहले चरण में जिन जिलों के संस्थानों की जांच की जाएगी, उनमें पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, रोहतास और औरंगाबाद शामिल हैं।

इन सभी जिलों में कुल 15 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच कराई जाएगी।

तय समय में देनी होगी जांच रिपोर्ट

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी जांच रिपोर्ट संबंधित जिलों को एक पखवाड़े के भीतर सौंपनी होगी।

इस संबंध में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के प्रभारी पदाधिकारी नसीम अहमद ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी किया है।

लक्ष्य से ज्यादा आए आवेदन, विभाग को हुई चिंता

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार

  • शैक्षणिक सत्र 2024-25 में लक्ष्य 85 हजार आवेदन का था, लेकिन 99,357 आवेदन प्राप्त हुए।

  • शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 27 जनवरी तक लक्ष्य 95,220 था, जबकि 1,15,423 आवेदन आ चुके हैं।

आवेदनों की संख्या में अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

नामांकन में अचानक बढ़ोतरी से बढ़ी शंका

विभाग की समीक्षा में यह भी सामने आया है कि बीते वर्षों की तुलना में लगभग सभी निजी संस्थानों में छात्रों के नामांकन में अचानक तेज वृद्धि हुई है।

इसी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला किया है कि सभी संस्थानों की जांच एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया से कराई जाएगी।

जांच कमेटी का गठन, ये अधिकारी होंगे शामिल

जांच के लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है।

कमेटी की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) सह नोडल पदाधिकारी करेंगे।

कमेटी में

  • जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र के प्रबंधक

  • बिहार राज्य वित्त निगम के सहायक प्रबंधक

को सदस्य बनाया गया है।

पटना के इन 7 संस्थानों पर पहले होगी जांच

पहले चरण में जिन संस्थानों में नामांकन में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है, उनमें पटना जिले के ये संस्थान शामिल हैं

  • मगध प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट

  • ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड मैनेजमेंट

  • चैतन्य कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

  • आरएस विद्यापीठ

  • एबीसी कॉलेज ऑफ एजुकेशन

  • नोवा मैनेजमेंट कॉलेज

  • हिमालया कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन, पालीगंज

इसके अलावा मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, औरंगाबाद और रोहतास के अन्य कई संस्थानों में भी जांच की जाएगी।

जांच में किन बातों की होगी पड़ताल

जांच के दौरान टीम द्वारा

  • संस्थानों के संबंधन दस्तावेज

  • सरकारी अनुमति

  • संचालित पाठ्यक्रम

  • नामांकन रिकॉर्ड

  • छात्रों की उपस्थिति

की जांच की जाएगी।

सुविधाओं की जियो टैग फोटो भी होंगी अनिवार्य

जांच के दौरान संस्थानों में मौजूद

  • कक्षाएं

  • पुस्तकालय

  • प्रयोगशाला

  • कंप्यूटर लैब

  • सेमिनार हॉल

की जियो टैग की गई तस्वीरें ली जाएंगी।

साथ ही पिछले दो वर्षों के फीस स्ट्रक्चर की भी जांच की जाएगी।

शिक्षकों की योग्यता और छात्रों से सीधा फीडबैक

जांच टीम द्वारा

  • शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता

  • उपलब्ध स्टाफ

  • छात्रों से सीधे फीडबैक

भी लिया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वास्तव में संस्थानों में पढ़ाई और सुविधाएं सही तरीके से चल रही हैं या नहीं।

शिक्षा विभाग का साफ संदेश

शिक्षा विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में पारदर्शिता और ईमानदारी से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अगर जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसे भी पढ़ें : जब रात के सन्नाटे में पहुंची DSP की टीम, तब बेनकाब हुआ लालू यादव का काला खेल

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleजब रात के सन्नाटे में पहुंची DSP की टीम, तब बेनकाब हुआ लालू यादव का काला खेल
Next Article सुनेत्रा पवार बनीं डिप्टी सीएम, आंसुओं के बीच हुआ राजतिलक

Related Posts

बिहार

केंद्र से बड़े समझौते पर डिप्टी सीएम ने दी सीएम को दी बधाई, बोले- यह बिहार के लिए दूरगामी कदम

November 4, 2026
Headlines

आइए बिहार, ग्रीन एनर्जी में 2.57 लाख करोड़ का खुला बाजार… दिल्ली में बोले ऊर्जा मंत्री

November 4, 2026
बिहार

पुलिस महकमे को चुस्त-दुरुस्त करने की तैयारी, प्रधान सचिव बोले- जल्द निपटाएं पेंडिंग केस

November 4, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

बेटियों के कैंसर पर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेगी सरकार, सीएम हेमंत बोले- पहले एक्सपर्ट्स की लेंगे राय

November 4, 2026

राम की पैड़ी पर जलेगी 30 लाख दीपों की ज्योति, पांच दिन तक उत्सव में डूबी रहेगी रामनगरी

November 4, 2026

हेमंत सरकार और यूनियन बैंक में MoU, 1.75 लाख कर्मियों को मुफ्त बीमा और सस्ता कर्ज

November 4, 2026

CM हेमंत का बड़ा फैसला- बच्चे अपनी जुबान में सीखेंगे ककहरा, अंग्रेजी भी बोलेंगे फर्राटेदार

November 4, 2026

केंद्र से बड़े समझौते पर डिप्टी सीएम ने दी सीएम को दी बधाई, बोले- यह बिहार के लिए दूरगामी कदम

November 4, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.