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Ranchi : अपराध की दुनिया में कुछ रातें लंबी होती हैं और कुछ रातें इतिहास बन जाती हैं। राजधानी रांची के सुखदेवनगर की बीती रात भी कुछ ऐसी ही थी। घड़ी में सवा एक बज रहे थे। शहर सो रहा था, लेकिन डीएसपी प्रकाश सोय जाग रहे थे। वजह साफ थी। रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को मिली एक पुख्ता सूचना। एसएसपी के कानों में किसी ने फूंक मारी थी कि चूड़ी सेंटर गली, बाबा अस्पताल के सामने एक मकान है। उस मकान में हिमांशु यादव उर्फ लालू यादव अपने साथियों के साथ खतरनाक प्लानिंग कर रहा है। उन लोगों के पास हथियार और धीमा जहर यानी ब्राउन शुगर है। एसएसपी राकेश रंजन ने तुरंत सिटी एसपी पारस राणा की देखरेख और कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में एक टीम गठित की और आगे का टास्क सौंपा।
डीएसपी प्रकाश सोय के लिए यह कोई पहली चुनौती नहीं थी। उन्होंने बिना वक्त गंवाए रणनीति बनाई। हर एंगल पर नजर, हर रास्ते की प्लानिंग और टीम के हर सदस्य को उसकी जिम्मेदारी। सिटी एसपी पारस राणा की निगरानी में बनी टीम को लीड करते हुए डीएसपी सोय सीधे चूड़ी सेंटर गली, बाबा अस्पताल के सामने उस मकान की ओर बढ़े, जहां से शहर की शांति को खतरा पैदा हो रहा था।
पुलिस आई, अपराधी भागे, लेकिन बच नहीं सके
जैसे ही पुलिस टीम ने मकान को घेरा, अंदर मौजूद युवक हड़बड़ा गए। पुलिस की आहट मिलते ही वे भागने लगे। यही वह पल था, जहां अनुभव और नेतृत्व की असली परीक्षा होती है। डीएसपी प्रकाश सोय ने एक सेकंड भी नहीं गंवाया। घेराबंदी इतनी सटीक थी कि पांच युवक मौके पर ही दबोच लिए गए। दो आरोपी जरूर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन बाकी के चेहरे पुलिस के सामने थे। गिरफ्तार युवकों में हिमांशु यादव उर्फ लालू यादव, अनिकेत पाठक, निहाल पांडेय, नीरज कुमार और राहुल बड़ाईक शामिल हैं। सभी सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले निकले।
घर के भीतर छिपा था हथियार और नशे का खतरनाक खेल
तलाशी शुरू हुई और हर कदम पर साजिश की परतें खुलती चली गईं। मुख्य आरोपी हिमांशु यादव उर्फ लालू यादव के पास से मेड इन यूएसए लिखा देशी पिस्तौल और तीन जिंदा गोलियां मिली। यानी इरादे सिर्फ डराने के नहीं थे। वहीं नीरज कुमार के पास से 15 पुड़िया ब्राउन शुगर और 40 हजार रुपये कैश बरामद हुए। निहाल पांडेय और राहुल बड़ाईक के पास से भी नशे की पुड़िया मिली। मौके से कुल 34 पुड़िया ब्राउन शुगर, चार मोबाइल फोन, 40 हजार रुपये नकद, एक स्कूटी और एक बुलेट बाइक जब्त की गई। बरामद मादक पदार्थ का वजन करीब चार ग्राम बताया गया है।
डीएसपी सोय की सख्ती, अपराधियों पर भारी
सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को बतााय कि अगर इस रेड में थोड़ी भी ढिलाई होती, तो हालात बेकाबू हो सकते थे। हथियार और नशे का यह कॉम्बिनेशन किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था। डीएसपी प्रकाश सोय की सतर्कता और तेज फैसलों ने न सिर्फ एक गैंग को बेनकाब किया, बल्कि एक संभावित अपराध को समय रहते कुचल दिया। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी हिमांशु यादव पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। निहाल पांडेय का भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका नेटवर्क कहां तक फैला है और फरार दो आरोपी किसके संरक्षण में छिपे हैं।
फील्ड के अफसर, जिन पर टीम को भरोसा
इस पूरी कार्रवाई में एसआई महेश मुंडा, सहावीर उरांव, बंजरंग टोप्पो, बबलु बेसरा, अमित कुमार दास और एएसआई कृष्णा राम की टीम ने भी मोर्चा संभाला, लेकिन जमीन पर ऑपरेशन को धार देने का काम डीएसपी प्रकाश सोय ने किया।
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