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New Delhi : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने अपनी वेबसाइट पर एक खास लेख में दुनिया भर में महिलाओं के ओलंपिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की चर्चा की। इस लेख में भारत को प्रमुख उदाहरण के रूप में शामिल किया गया। IOC ने रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से चल रहे ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम (OVEP) की तारीफ की।
स्कूलों से आंगनवाड़ी तक, बच्चों तक ओलंपिक मूल्यों की पहुंच
लेख के अनुसार OVEP के माध्यम से भारत में खेल भावना, सम्मान, निष्पक्षता और टीमवर्क जैसे ओलंपिक मूल्यों को बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है। 2024 से अब तक यह कार्यक्रम देश के 65 हजार से ज्यादा स्कूलों में लगभग 1.2 करोड़ बच्चों तक पहुंच चुका है।
अब यह पहल सिर्फ स्कूल तक ही सीमित नहीं रही। ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के समुदायों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों तक भी इसका दायरा बढ़ाया गया है। देश के 120 आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं ने अब तक 1200 से अधिक OVEP सत्र आयोजित किए हैं।
बच्चों में आत्मविश्वास और सहभागिता बढ़ाने में मदद
मध्य प्रदेश के एक आंगनवाड़ी केंद्र की छात्रा रूचि का उदाहरण देते हुए लेख में बताया गया है कि खेल और ओलंपिक मूल्यों पर आधारित गतिविधियां बच्चों, खासकर लड़कियों में, आत्मविश्वास और सहभागिता बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
नीता अंबानी की भूमिका
भारत में ओलंपिक आंदोलन को आगे बढ़ाने में नीता अंबानी की भी अहम भूमिका रही है। रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन और IOC की सदस्या होने के नाते वह खेल और ओलंपिक मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में लगातार जुटी रही हैं।
IOC की नजर में वैश्विक पहल
IOC ने भारत के साथ-साथ सऊदी अरब, सेनेगल और इटली की पहलों का भी उल्लेख किया है। इन देशों में महिलाओं की भागीदारी के जरिए ओलंपिक मूल्यों को शिक्षा और समुदाय तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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