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Ranchi : रात गहरी हो चुकी थी। शहर की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिस की गाड़ियां अब भी सड़कों पर गश्त कर रही थीं। इसी दौरान रांची के बीचों-बीच स्थित अल्बर्ट एक्का चौक के पास एक एम्बुलेंस खड़ी थी। एम्बुलेंस के पास खड़ा चालक बार-बार मोबाइल देख रहा था, किसी कॉल का इंतजार कर रहा था, लेकिन फोन सन्न था। चेहरे पर थकान थी, आंखों में चिंता।
केरल से रांची तक आया, फिर…
चालक ने केरल से एक मरीज को रांची तक पहुंचाने का जिम्मा लिया था। लंबा सफर, सैकड़ों किलोमीटर की दूरी, रास्ते भर मरीज की देखभाल और समय पर गंतव्य तक पहुंचाने की चिंता। एम्बुलेंस चलाना सिर्फ ड्राइविंग नहीं होता, वह कई बार किसी परिवार की आखिरी उम्मीद भी होती है। रांची पहुंचने के बाद उसे लगा कि अब मेहनताना मिलेगा और वह वापस लौट सकेगा। लेकिन हुआ इसके उलट। मरीज के साथ आया व्यक्ति बिना किराया दिए ही चुपचाप वहां से गायब हो गया।
सुनसान रात, अनजाना शहर और बढ़ती बेचैनी
एक अनजाने शहर में, आधी रात को, बिना पैसे और बिना किसी पहचान के खड़ा वह चालक खुद को ठगा हुआ और असहाय महसूस कर रहा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करे। वापस लौटने के लिए ईंधन चाहिए, खाने-पीने का इंतजाम चाहिए, और सबसे बढ़कर चाहिए भरोसा। इसी बीच संयोग से शहर में रात की नब्ज टटोलने निकले SSP राकेश रंजन की नजर उस पर पड़ी।
पुलिस ने सिर्फ कानून नहीं, संवेदना भी निभाई
SSP राकेश रंजन ने अपनी गाड़ी रुकवाई और चालक से बात की। चालक ने पूरी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि कैसे वह मरीज को लेकर आया और कैसे भुगतान किए बिना ही वह शख्स फरार हो गया। उसकी आवाज में थकान के साथ बेबसी साफ झलक रही थी।
SSP राकेश रंजन ने न सिर्फ उसकी बात ध्यान से सुनी, बल्कि तुरंत मदद का भरोसा भी दिया। उन्होंने संबंधित थाना को निर्देश दिए और पीसीआर वाहन से चालक को सुरक्षित थाना पहुंचवाया। वहां उसकी शिकायत दर्ज करने और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
एक छोटी मदद, बड़ा भरोसा
यह घटना सिर्फ ठगी की कहानी नहीं है, यह उस भरोसे की भी कहानी है जो संकट की घड़ी में किसी अजनबी के रूप में सामने आता है। रात के सन्नाटे में खड़ा वह चालक शायद सोच भी नहीं सकता था कि कोई उसकी परेशानी पूछेगा। लेकिन उस रात उसे सिर्फ कानून नहीं, इंसानियत भी मिली। रांची की बीती रात की यह छोटी-सी घटना बता गई कि वर्दी के पीछे भी एक इंसान होता है, और कई बार वही इंसान किसी अनजान शहर में फंसे व्यक्ति के लिए सबसे बड़ा सहारा बन जाता है।
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