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Koderma (Aftab Alam) : गझंडी इलाके के अम्बाकोला जंगल में बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य लगता था। तालाब के पास हरियाली थी, दूर तक फैले पेड़ और झाड़ियां थीं। लेकिन इसी हरियाली के बीच चुपचाप नशे की खेती पनप रही थी। यह खेती न सिर्फ कानून के खिलाफ थी, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए भी खतरनाक थी। कोडरमा पुलिस की सतर्कता ने इस सन्नाटे में चल रहे अवैध कारोबार को सामने ला दिया।
पुलिस को देखते ही भागने लगे नशे के सौदागर
पुलिस कप्तान अनुदीप सिंह को जब गुप्त सूचना मिली कि जंगल के भीतर अफीम की खेती की जा रही है, तब उन्होंने इसे सामान्य सूचना मानकर नजरअंदाज नहीं किया। सूचना के आधार पर एसडीपीओ अनिल कुमार और तिलैया थानेदार विनय कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। दंडाधिकारी की मौजूदगी में पुलिस टीम अम्बाकोला पहुंची। जैसे ही पुलिस तालाब के पास पहुंची, कुछ लोग भागने लगे। यह वही पल था, जिसने साफ कर दिया कि जंगल में कुछ गलत चल रहा है। पुलिस ने पीछा कर गझंडी के रहने वाले बुधलाल सिंह को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह अपने साथी शंकर सिंह के साथ मिलकर अफीम की खेती कर रहा था। शंकर सिंह मौके से फरार हो गया।
मोबाइल से मिले सबूत, तीन एकड़ में खेती का खुलासा
आरोपी के मोबाइल फोन में पोस्ता की फसल की तस्वीरें मिलीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम तालाब के आसपास और दूसरी ओर पहुंची, जहां करीब तीन एकड़ जमीन में अफीम की खेती लहलहा रही थी। यह वही फसल थी, जिससे आगे चलकर नशा बनता और समाज में जहर की तरह फैलता। पुलिस ने मौके पर पूरी फसल को नष्ट कर दिया।
खेती में इस्तेमाल सामान जब्त
साथ ही खेती में इस्तेमाल हो रहे पानी के पाइप, बिजली के तार और केमिकल भी जब्त किए गए। एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि अब ड्रोन कैमरे की मदद से भी ऐसे इलाकों पर नजर रखी जा रही है, ताकि जंगलों की आड़ में होने वाले अवैध कामों को रोका जा सके।

जमीन की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश
इस कार्रवाई का असर सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की गई थी, वह किसके नाम है और इस कारोबार में और कौन लोग जुड़े हुए हैं। अंचल अधिकारी से जमीन से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई है और अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
एसपी अनुदीप सिंह का कहना है कि नशा सिर्फ कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवारों और समाज को अंदर से तोड़ देता है। इसलिए इस तरह के कारोबार में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की खेती, बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो बिना डर पुलिस को सूचित करें।
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