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Ranchi : झारखंड बनने के 25 साल पूरे होने पर राज्य सिर्फ खनिज संपदा का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह उन लोगों के जीवन का भी केंद्र बना, जो इन खनिजों और उद्योगों से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड अब अपने क्रिटिकल मिनरल्स के साथ वैश्विक मंच पर कदम रखने जा रहा है। दावोस और ब्रिटेन यात्राओं में राज्य दुनिया को दिखाएगा कि कैसे खनिज, तकनीकी और रोजगार सृजन एक साथ मिलकर आर्थिक और सामाजिक विकास की कहानी लिख सकते हैं।
खनिज, रोजगार और छोटे शहर की कहानी
झारखंड की मिट्टी में मौजूद खनिज सिर्फ औद्योगिक उत्पाद नहीं हैं, बल्कि इनसे जुड़े लाखों लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी भी संचालित होती है। सौर ऊर्जा, पवन टरबाइन, बैटरी निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले क्रिटिकल मिनरल्स न सिर्फ वैश्विक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्थानीय मजदूरों, इंजीनियरों और छोटे व्यवसायों के लिए रोज़गार का अवसर भी हैं। धनबाद और जमशेदपुर जैसे शहरों में यह बदलाव साफ दिखता है, जहां खनन उद्योग ने शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं में सुधार लाने में मदद की है।
विश्व मंच पर झारखंड देगा संदेश
दावोस में झारखंड निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं से सीधे संवाद करेगा। राज्य का संदेश स्पष्ट है… खनिजों का विकास जिम्मेदार खनन, पर्यावरण सुरक्षा और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ होना चाहिए। यह सिर्फ निवेश आकर्षित करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस नए झारखंड की कहानी है, जहां विकास और प्रकृति का संतुलन बराबर मायने रखता है।
क्लीन-टेक और युवा अवसर
IIT-ISM धनबाद में हाल ही में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र झारखंड के युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को नई दिशा दे रहा है। यह केंद्र न सिर्फ तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को वैश्विक उद्योगों से जोड़ने का रास्ता भी खोलेगा। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्र युवा पीढ़ी के लिए न केवल रोजगार बल्कि गर्व का विषय बन रहे हैं।
खनिज भंडार और स्थानीय असर
झारखंड के लौह अयस्क, तांबा, कोयला, बॉक्साइट और यूरेनियम जैसे खनिज न केवल भारत की औद्योगिक शक्ति का आधार हैं, बल्कि यह राज्य के छोटे गांवों और शहरों के जीवन को भी बदल रहे हैं। टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियों ने सामाजिक कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश किया है, जिससे स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
छोटे बदलाव, बड़े सपने
हर खदान, हर उद्योग, हर नया निवेश स्थानीय लोगों के जीवन में बदलाव की कहानी लेकर आता है। छोटे बच्चों की स्कूल पहुंच, महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार – ये सब उस बड़े आर्थिक परिदृश्य का हिस्सा हैं जो दावोस और वैश्विक निवेशकों को दिखाया जाएगा।
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