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Pakur (Jaydev Kumar) : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच पाकुड़ में कांग्रेस ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मतदाता सूची में छूटे हुए वास्तविक मतदाताओं के नाम जोड़ने और किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से बाहर न रह जाए, इसे लेकर कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंटों के साथ रणनीतिक बैठक की। कांग्रेस भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर अलम ने की। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार सरकार, प्रदेश महासचिव तनवीर आलम सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बूथ एजेंटों को दी गई जरूरी जानकारी
बैठक के दौरान प्रशासन की ओर से प्रकाशित अनमैप्ड मतदाताओं की सूची पर विस्तार से चर्चा की गई। बूथ लेवल एजेंटों को बताया गया कि ऐसे मतदाता जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, उनके दस्तावेज समय पर बूथ लेवल अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी है। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर ऐसे लोगों की पहचान करें, जिनका नाम सूची में शामिल होना चाहिए लेकिन अब तक नहीं हो पाया है। साथ ही उन्हें आवश्यक दस्तावेज जुटाने में भी सहयोग करने को कहा गया।
घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने का आह्वान
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे केवल सूची तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करें और उनकी समस्याओं को समझें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार बेहद महत्वपूर्ण है और किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अभियान में जुटें और यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो।
पश्चिम बंगाल की घटना पर भी जताई चिंता
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में आलमगीर आलम ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन हिंसा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
आलमगीर आलम ने कहा, “आज हमारी सरकार है, कल किसी दूसरे दल की हो सकती है। संविधान सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। विरोध का रास्ता लोकतांत्रिक होना चाहिए, कानून को अपने हाथ में लेने का नहीं।”
सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में शाहिन परवेज, सेमिनुल इस्लाम, मुख्तार हुसैन, असद हुसैन, मंजुला हांसदा, अमीर हमजा, सेराजुल शेख, मिथुन मरांडी, सलीम शेख, बेलाल शेख, पियारूल इस्लाम, नलिन मिश्रा, मो. हारून, पप्पू गंगवानी, मो. याहेदिन समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पार्टी नेताओं ने सभी कार्यकर्ताओं से आगामी दिनों में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर पूरी गंभीरता के साथ काम करने की अपील की।
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