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Chatra : झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी में सीओ सविता सिंह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह एक युवक को लाठी से मारते हुए नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई है और मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर वीडियो साझा करते हुए इसे बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मरांडी ने लिखा कि प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारियों से हमेशा संयम, संवेदनशीलता और कानून के दायरे में रहकर काम करने की उम्मीद की जाती है। ऐसे में किसी अधिकारी द्वारा इस तरह की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है।
चतरा जिले में पुलिस की मौजूदगी में एक महिला सीओ द्वारा युवकों के सिर पर डंडे से प्रहार करने की घटना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासनिक पद पर बैठे किसी भी अधिकारी से संयम, संवेदनशीलता और कानूनसम्मत आचरण की अपेक्षा की जाती है। कानून लागू कराने का दायित्व जिनके कंधों पर… pic.twitter.com/LLuJbKlDq1
— Babulal Marandi (@yourBabulal) March 9, 2026
‘कानून हाथ में लेना ठीक नहीं’
मरांडी ने कहा कि कानून को लागू कराने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों के पास होती है, अगर वही लोग कानून अपने हाथ में लेने लगें तो यह व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर संबंधित युवकों से कोई गलती हुई भी थी तो उसके लिए कानून में स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं। उनके मुताबिक बीच सड़क किसी को इस तरह सार्वजनिक रूप से मारना न तो न्यायसंगत है और न ही प्रशासनिक मर्यादा के अनुरूप।
प्रशासन की छवि पर पड़ता है असर
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। इससे प्रशासन की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन से न्याय और संवेदनशील व्यवहार की उम्मीद करती है।
सीओ को निलंबित करने की मांग
मरांडी ने चतरा के उपायुक्त से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सीओ को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं
फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद जिले में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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