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Dhanbad : बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड मामले में बुधवार को कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-16 एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्दश चंद्र अवस्थी की अदालत ने सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता मो. जावेद ने बताया कि आरोप सिद्ध न होने के कारण अदालत ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया है। वहीं मृतक नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे इस आदेश के खिलाफ जल्द ही हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
21 मार्च 2017 को हुई थी हत्या
21 मार्च 2017 की शाम सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट के पास पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके ड्राइवर घल्टू महतो, पीए अशोक यादव और बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी की अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि दो बाइकों पर सवार चार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं।
इसके बाद 23 मार्च 2017 को नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें मुख्य आरोपी के रूप में संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, गया सिंह, महंत पांडे और सिद्धार्थ गौतम उर्फ मनीष सिंह का नाम सामने आया था। बाद में जांच के दौरान अन्य नाम भी जुड़ते चले गए।
गिरफ्तारी और आरोप तय
जांच के दौरान पुलिस ने संजीव सिंह समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें धनजी सिंह, संजय सिंह, पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, पंकज सिंह, शूटर अमन सिंह, सतीश सिंह, कुर्बान अली और सागर सिंह शामिल थे। इसके बाद 4 अगस्त 2017 को इस मामले में आरोप तय किए गए। करीब आठ साल तक चली सुनवाई के बाद बुधवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
आगे की लड़ाई
फैसले के बाद नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने कहा कि उन्हें अदालत के आदेश से न्याय नहीं मिला है और अब वे हाईकोर्ट में अपील कर न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
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