Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, 8 November, 2026 • 12:36 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » बड़ा सरेंडर : छह करोड़ का इनामी भूपति 61 साथियों संग नये सफर पर
Headlines

बड़ा सरेंडर : छह करोड़ का इनामी भूपति 61 साथियों संग नये सफर पर

October 15, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
भूपति
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto
IPRD_ERO_000293/26-27

auto

Mumbai : गढ़चिरौली की पहाड़ियों पर अब सिर्फ गोलियों की गूंज नहीं, विकास की आहट सुनाई दे रही है। बुधवार का दिन इस जिले के इतिहास में दर्ज हो गया… जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति ने अपने 61 साथियों के साथ हथियार डाल दिए। भूपति वह खूंखार नक्सली है जिसके सिर पर सरकार ने छह करोड़ का इनाम घोषित कर रखा है। भूपति ने दशकों तक जंगलों में क्रांति की आग सुलगाए रखी और आखिरकार उसी ने आज शांति का रास्ता चुना।

गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में ऐतिहासिक दोपहर

गुरुवार की दोपहर गढ़चिरौली जिला पुलिस मुख्यालय का माहौल अलग था। सुरक्षा घेरे में मंच सजा था, जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद थे। मंच पर जैसे ही खाकी वर्दीधारी अधिकारी हथियार लिए नक्सलियों को लेकर पहुंचे, सन्नाटा छा गया। कई सालों से जंगल में रहने वाले ये लोग अब सामान्य जीवन की ओर लौटने वाले थे। भीड़ में सबसे आगे खड़ा था — भूपति — सादे कपड़ों में, पर चेहरे पर सुकून की एक झलक के साथ। उसने झुककर हथियार रखे, और तभी तालियां गूंज उठीं।

मुख्यमंत्री बोले – गढ़चिरौली अब खामोशी नहीं, विकास बोलेगा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “गढ़चिरौली ने 40 सालों तक गोलियों की आवाज सुनी है। आज यह इलाका विकास की कहानी लिखने जा रहा है। जिन युवाओं ने कभी बंदूक उठाई, अब वे स्कूल, सड़क और रोजगार की बात कर रहे हैं। यही असली जीत है।”उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के कारण नक्सलवाद अब ढहने की कगार पर है।

अमित शाह का संकल्प — 2026 तक नक्सलवाद का अंत

मुख्यमंत्री ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने लक्ष्य तय किया है — मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया।
उन्होंने कहा, “अब जंगलों में बंदूक नहीं, तरक्की की मशाल जलेगी। जिनके हाथों में हथियार थे, अब वही विकास के साथी बन रहे हैं।”

माओवादी आंदोलन में बड़ा नाम था भूपति

भूपति का नाम नक्सली आंदोलन में नया नहीं है। वह तेलंगाना के रहने वाले हैं और तीन दशकों से संगठन में सक्रिय थे। पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, वह कई राज्यों में दर्ज दर्जनों हमलों और साजिशों में शामिल रहा। 2024 में जब छत्तीसगढ़ के सुकमा में शीर्ष नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू मारा गया, तब भूपति का नाम नए महासचिव के तौर पर उभरा। लेकिन संगठन की केंद्रीय समिति ने अंततः थिप्पारी तिरुपति उर्फ देवजी को जिम्मेदारी दी।
इसके बाद से ही भूपति संगठन से असहमत होने लगा।

शांति का संकेत… पर्चे से लेकर आत्मसमर्पण तक

सितंबर में भूपति ने एक पर्चा जारी किया, जिसमें उसने केंद्र सरकार से शांति वार्ता की मांग की थी। उसने लिखा था — “हमने बहुत रक्त देखा, अब संवाद की जरूरत है।” यही पर्चा उसके नए सफर की शुरुआत बना। धीरे-धीरे उसने पुलिस से संपर्क किया और अंततः बुधवार को उसने खुद को अधिकारियों के हवाले कर दिया।

दो दशकों में 700 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण

गढ़चिरौली जिला अब नक्सलवाद से उबर रहा है। पिछले बीस सालों में यहां 700 से ज्यादा नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि भूपति जैसे बड़े नेता का सरेंडर संगठन के ढांचे को भीतर से हिला देगा। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं, “पहले लोग डरते थे कि बंदूक ही रास्ता है, अब उन्हें यकीन है कि विकास ही असली जवाब है।”

जंगल की खामोशी में उम्मीद की आवाज

गढ़चिरौली के पहाड़, जहां कभी रातें गोलियों से रोशन होती थीं, अब गांवों में बिजली की रोशनी जगमगाने लगी है। जहां कभी नक्सली जन अदालत लगाते थे, वहीं अब बच्चे खेलते हैं। भूपति का आत्मसमर्पण सिर्फ एक घटना नहीं — यह बदलाव का प्रतीक है।

इसे भी पढ़ें : “कम तेल-घी की हो थाली, तब जीवन में होगी खुशहाली”, गजब संदेश दे गये डीसी मनीष

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleबिहार चुनाव 2025 : दिव्यांग मतदाताओं के लिए ECI ने खोली वोटिंग की नई राह
Next Article इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा पाकुड़ का नाम : नीतीश्वर कुमार

Related Posts

Headlines

निशा भगत की मौ’त पर बाबूलाल बोले- झारखंड में माफिया चला रहे सरकार, हो CBI जांच

November 7, 2026
Headlines

बिहार : दीपावली और छठ पर 24 घंटे मिलेगी बिजली, गुल होने पर इन नंबरों पर करें कॉल

November 7, 2026
Headlines

दीपोत्सव की अलौकिक छटा में नहाया मुंगेर, 11 लाख दीयों के बीच CM ने खोला सौगातों का पिटारा

November 7, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

निशा भगत मामले में महिला आयोग के एक्शन का भाजपा ने किया स्वागत, गीता कोड़ा बोलीं…

November 7, 2026

निशा भगत की मौ’त पर बाबूलाल बोले- झारखंड में माफिया चला रहे सरकार, हो CBI जांच

November 7, 2026

बिहार : दीपावली और छठ पर 24 घंटे मिलेगी बिजली, गुल होने पर इन नंबरों पर करें कॉल

November 7, 2026

दीपोत्सव की अलौकिक छटा में नहाया मुंगेर, 11 लाख दीयों के बीच CM ने खोला सौगातों का पिटारा

November 7, 2026

CM सम्राट के एक फैसले ने बदल दी 9187 पुलिसकर्मियों की दुनिया… जानें कैसे

November 7, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.