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Patna : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी जिलों में मतदान केंद्रों का निर्धारण कर दिया है। इस बार पूरे बिहार में 90,712 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जो पिछले चुनाव की तुलना में 12,817 अधिक हैं।
क्यों बढ़ाई गई संख्या
निर्वाचन विभाग ने बताया कि पहले एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,500 मतदाता रहते थे। अब इस सीमा को घटाकर 1,200 मतदाता कर दिया गया है। इसका मकसद है कि बूथों पर भीड़ कम हो और मतदान शांतिपूर्ण व व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।
किस जिले में कितने बूथ
- पटना जिला – सबसे अधिक 5,665 मतदान केंद्र (14 विधानसभा क्षेत्र)
- मुजफ्फरपुर – 4,186
- पूर्वी चंपारण – 4,095
- मधुबनी – 3,882
- गया – 3,866
- समस्तीपुर – 3,623
- दरभंगा – 3,329
- शिवहर – सबसे कम 368 मतदान केंद्र (1 विधानसभा क्षेत्र)
इसके अलावा शेखपुरा (582), अरवल (651), लखीसराय (904), जहानाबाद (1009) जैसे छोटे जिलों में मतदान केंद्रों की संख्या कम है।
पहली बार सभी बूथों पर वेबकास्टिंग
चुनाव आयोग ने इस बार एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी 90,712 मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग होगी। इसके लिए हर बूथ पर आईपी आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे इंटरनेट से जुड़े रहेंगे और सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय व मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से निगरानी की जाएगी। इससे मतदान प्रक्रिया पर रीयल-टाइम नजर रखी जा सकेगी और किसी भी गड़बड़ी या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी।
जिलेवार वर्गीकरण
- 8 जिले – 10 या उससे अधिक विधानसभा क्षेत्र
- 17 जिले – 5 से 10 विधानसभा क्षेत्र
- 13 जिले – 5 से कम विधानसभा क्षेत्र
इसी आधार पर संसाधनों का बंटवारा और चुनावी कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है।
मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा
निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदाताओं की सुविधा पर भी जोर दिया है।
- दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष प्रावधान
- महिला मतदाताओं के लिए पिंक बूथ
- सभी बूथों पर सुलभ रैंप, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं
पारदर्शी और तकनीकी चुनाव
आयोग का कहना है कि इस बार का चुनाव तकनीकी रूप से उन्नत, पारदर्शी और समावेशी होगा। बढ़े हुए मतदान केंद्र, लाइव वेबकास्टिंग और सुविधाओं के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर मतदाता को बिना किसी बाधा के मतदान का अवसर मिले।
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