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Patna : सीएम सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर एयरपोर्ट के निर्माण में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग आपसी तालमेल बिठाकर काम करें और तय समय-सीमा के भीतर दोनों हवाई अड्डों का काम पूरा करें। ‘संकल्प’ सभागार में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि दोनों जगहों पर रनवे और बाकी ढांचा इस तरह तैयार किया जाए ताकि बड़े विमानों का संचालन बिना किसी अड़चन के हो सके। पहले चरण में इन दोनों महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर पीपीपी मोड के तहत 10 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा।
सोनपुर में इंटरनेशनल कनेक्टिविटी और कार्गो पर सीएम का जोर
मुख्यमंत्री ने सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मास्टर प्लान की बारीकी से समीक्षा की और कहा कि इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। इस हवाई अड्डे पर पहले चरण में 6500 करोड़ रुपये का निवेश होना है। सीएम ने खास तौर पर निर्देश दिया कि यहां बड़े पैसेंजर जहाजों के साथ-साथ मजबूत कार्गो सुविधाएं भी विकसित की जाएं, ताकि राज्य के फल, सब्जियां और व्यापारिक उत्पाद देश-दुनिया तक आसानी से पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि सोनपुर एयरपोर्ट सिर्फ सारण का नहीं, बल्कि पूरे राज्य का ग्रोथ इंजन बनेगा। इससे बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा।

अजगैबीनाथ एयरपोर्ट से श्रद्धालुओं और 7 जिलों को राहत
अजगैबीनाथ धाम में बनने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर सीएम ने कहा कि यह परियोजना पूरे पूर्वी बिहार की तस्वीर बदल देगी। इसके पहले चरण में 3500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। सीएम ने बैठक में कहा कि इस हवाई अड्डे के बन जाने से भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, बांका, खगड़िया और बेगूसराय के लोगों को नजदीकी हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, हर साल विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का सफर भी सुगम और तेज हो जाएगा। इससे इलाके में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय व्यापार को भी बड़ा सहारा मिलेगा।
जमीन अधिग्रहण में तेजी लाएं, खुद करेंगे मॉनिटरिंग
प्रोजेक्ट्स में आ रही प्रशासनिक रुकावटों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026’ के तहत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन खरीदने और कनेक्टिविटी से जुड़ा सारा खर्च राज्य सरकार अपने स्तर पर उठाएगी। सीएम ने दो टूक कहा कि कागजी प्रक्रियाओं में काम नहीं अटकना चाहिए। बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और विभिन्न विभागों के सचिव मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि वह खुद इन दोनों परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे ताकि काम जमीन पर तेजी से दिखे।
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