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Pakur (Jaydev Kumar) : सूरज ढल चुका था, हवा में हल्की ठंडक थी। पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के एक शांत आम बगान में एक महिला अपने साथी के साथ कुछ पल सुकून के तलाश में पहुंची थी। दोनों चुपचाप बैठकर खा-पी रहे थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि अगले कुछ ही मिनटों में उनकी दुनिया खौफ, हिंसा और सदमे में बदल जाएगी।
सन्नाटे को चीरते कदमों की आहट और फिर दरिंदगी
अचानक कुछ युवक उस बगान के पास पहुंचे। महिला को देख उन लड़कों की नीयत डोल गयी। उन लोगों ने महिला के साथी के मारधाड़ कर उसे वहां से भगा दिया। इसके बाद एक-एक कर उसके साथ दरिंदगी की। महिला की आबरू को तार-तार कर दिया। वह दर्द से चीखती-चिल्लाती रही, पर दरिंदे उसके बदन को नेचते-खरोचते रहे। हवस मिटाने के बाद महिला को वहीं तड़पता छोड़ सभी फरार हो गये। बगान की जमीन पर बिखरी पत्तियों की चरमराहट भी उस दर्द को ढक नहीं पाई। घटना के बाद महिला जैसे-तैसे वहां से निकली, और जब पुलिस तक पहुंची। उसका अपना साहस टूटने नहीं दिया और प्राथमिकी दर्ज कराई। वह बोलना चाहती थी, क्योंकि चुप रहना किसी सजा से कम नहीं होता।
रात में ही जांच में जुटीं एसपी
घटना की खबर जैसे ही पुलिस कप्तान निधि द्विवेदी के कानों तक पहुंची, वो रात में ही नगर थाना पहुंच गयी। दस्तावेजों, रिपोर्टों और प्राथमिक बयान के बीच उन्होंने तुरंत टीमों को लगाया। बाद में वे सदर अस्पताल पहुंची और पीड़िता से बातचीत की, उसका हाल जाना। एसपी निधि की पूछताछ से पीड़िता की टूटी हुई हिम्मत को हौसला मिला।
नौ संदेही हिरासत में
पीड़िता की पहचान और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने नौ संदेही गुनहगारों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ चल रही है, मेडिकल रिपोर्ट आ चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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