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Patna : मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह जैसे ही बेऊर जेल से बाहर निकले, माहौल पूरी तरह से उनके समर्थन में नजर आया। जेल के बाहर पहले से ही सैकड़ों समर्थक डटे हुए थे। “अनंत सिंह जिंदाबाद” और “छोटे सरकार जिंदाबाद” के नारों से इलाका गूंज उठा। जेल से निकलते ही समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे पटना स्थित अपने आवास के लिए रवाना हो गए, जहां पहले से हजारों लोग उनके इंतजार में खड़े थे।
आवास पर जश्न का माहौल, आतिशबाजी और नारेबाजी
पटना आवास पहुंचते ही माहौल पूरी तरह जश्न में बदल गया। समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी की, ढोल-नगाड़े बजे और हर तरफ बस “छोटे सरकार” के नारे सुनाई दिए। अनंत सिंह भी समर्थकों की इस भीड़ को देखकर काफी भावुक नजर आए। हंसते हुए बोले… “अरे, सब लोग बाद में आइए, अभी थोड़ा संभल जाइए।” लेकिन समर्थकों का जोश कम होने का नाम नहीं ले रहा था।
“हमको काहे फंसाता है, हम का जाने” – मीडिया से बोले अनंत सिंह
जब मीडिया ने उनसे सवाल किया कि बार-बार आप ही क्यों फंसते हैं, तो उन्होंने अपने ही अंदाज में जवाब दिया… “काहे फंसाता है, हम का जाने।” उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस घटना में उन्हें फंसाया गया, उस दिन वे करीब 4 किलोमीटर दूर थे और मामला झूठा है।
50 किलोमीटर का रोड शो, कल मोकामा में फिर होगा जलवा
समर्थकों के मुताबिक, रिहाई की खुशी में मंगलवार को बड़ा रोड शो निकाला जाएगा। बताया जा रहा है कि करीब 50 किलोमीटर लंबा यह रोड शो होगा। सुबह 8 बजे अनंत सिंह बड़हिया में मां भगवती के दर्शन करेंगे और फिर पूरे इलाके में शक्ति प्रदर्शन करेंगे। आज पटना में जश्न है, तो कल मोकामा में माहौल और भी गरम रहने वाला है।
हजारों लोगों के लिए भोज की व्यवस्था
उनकी रिहाई के मौके पर पटना आवास पर बड़े पैमाने पर भोज का आयोजन किया गया है। हजारों कार्यकर्ताओं के लिए खाना बनाया जा रहा है, जिसके लिए कई कारीगर जुटे हुए हैं। समर्थकों का कहना है… “पूरा बिहार आज अनंत मय है।”
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा टाल इलाके में झड़प हुई थी, जिसमें दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। इसी मामले में पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया था। जेल में रहते हुए भी उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की यानी उनका राजनीतिक प्रभाव आज भी बरकरार है।
जेल, राजनीति और दबदबा- अनंत सिंह का अलग अंदाज
अनंत सिंह का नाम बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहा है। कई बार जेल जाने के बावजूद उनका जनाधार कम नहीं हुआ। इस बार भी रिहाई के बाद जिस तरह से समर्थकों की भीड़ उमड़ी, उसने साफ कर दिया कि “छोटे सरकार” का दबदबा अभी भी कायम है।
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