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Home » CM ने 301 सहायक आचार्यों के दिया नियुक्ति पत्र, बोले- आप सरकारी स्कूलों की रीढ़
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CM ने 301 सहायक आचार्यों के दिया नियुक्ति पत्र, बोले- आप सरकारी स्कूलों की रीढ़

September 16, 2025No Comments3 Mins Read
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Ranchi : झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की गूंज एक बार फिर सुनाई दी, जब CM हेमंत सोरेन ने मंत्रालय प्रांगण में नव-नियुक्त सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें राज्य के भविष्य निर्माता की जिम्मेदारी सौंपी। यह महज एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि सरकार के उस संकल्प का हिस्सा था, जिसमें शिक्षा को झारखंड की असली ताकत बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने गणित और विज्ञान के 131 प्रशिक्षित सहायक आचार्यों और गोड्डा जिले के 170 इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र देकर एक नया अध्याय खोला। इसी के साथ कुल 301 नए शिक्षक सरकारी स्कूलों की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। सीएम ने स्पष्ट कहा… “राज्य में 26 हजार शिक्षकों की बहाली जल्द की जाएगी। शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

शिक्षा के क्षेत्र में समय के साथ चलना और गति पकड़ना बेहद जरूरी : सीएम

CM हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षा का महत्व सबको पता है। हमारे पूर्वजों और कई माता-पिता ने भले ही औपचारिक पढ़ाई न की हो, लेकिन वे अनुभव से बहुत कुछ सीखते और आगे बढ़ते थे। पहले शिक्षा का स्वरूप अलग था, लेकिन आज बच्चों के बौद्धिक विकास का मुख्य रास्ता शिक्षा ही है, और इसमें लगातार नए आयाम जुड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बच्चे स्लेट और चॉक से पढ़ते थे, लेकिन अब डिजिटल ब्लैकबोर्ड आ गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में समय के साथ चलना और गति पकड़ना बेहद जरूरी है। हालांकि, कुछ कठिनाइयों की वजह से राज्य इस क्षेत्र में अपेक्षित उपलब्धियां हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन अब सरकार ने संकल्प लिया है कि क्वालिटी एजुकेशन के हर पहलू को जोड़ा जाएगा।

आप सभी रीढ़ की हड्डी हैं, जिस पर सरकारी स्कूलों का भविष्य टिका है : सीएम

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शिक्षा में कमी रह गई तो आने वाली पीढ़ी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए त्याग करते हैं। माता-पिता अपने खर्चे घटाकर बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की कोशिश करते हैं। सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद नए शिक्षकों को याद दिलाया कि उनकी तनख्वाह आम जनता के टैक्स से आती है। ऐसे में बच्चों के भविष्य और राज्य की तरक्की की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। उन्होंने कहा… “आप सभी रीढ़ की हड्डी हैं, जिस पर सरकारी स्कूलों का भविष्य टिका है। जिस काम के लिए पारिश्रमिक मिलेगा, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाना होगा।”

सरकारी स्कूलों को निजी स्तर पर ले जाना लक्ष्य

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने विजन को साझा किया कि आने वाले समय में सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता होगी। सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों का जिक्र करते हुए उन्होंने गर्व से बताया कि कई अभिभावक अब निजी स्कूलों से अपने बच्चों का नाम कटवाकर सरकारी स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं।

शिक्षा से मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा… “हम झारखंड को सिर्फ खनिज संपदा से नहीं, बल्कि शिक्षा और बौद्धिक क्षमता से भी पहचान दिलाना चाहते हैं। यह यात्रा आसान नहीं है, लेकिन आप जैसे नव-नियुक्त शिक्षक इस बदलाव के वाहक बन सकते हैं।”

ये रहे मौजूद

समारोह में मंत्री संजय प्रसाद यादव, अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, शिक्षा सचिव उमा शंकर सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक और उनके परिजन मौजूद रहे। वातावरण में जहां एक ओर खुशियां थीं, वहीं नव-नियुक्त शिक्षकों की आंखों में अपने कर्तव्य के प्रति दृढ़ संकल्प भी साफ झलक रहा था।

इसे भी पढ़ें : झारखंड में रोजगार से पर्यटन तक… CM हेमंत सोरेन की बड़ी पहल… जानें

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