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Jamshedpur : सोमवार की दोपहर मुसाबनी का मैदान लोगों से खचाखच भरा था। दूर-दराज के गांवों से लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर झंडे थामे पहुंचे थे। मंच पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब पहुंचे तो भीड़ ने तालियों और नारों से उनका स्वागत किया। मौका था घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर झामुमो गठबंधन की चुनावी सभा का। लेकिन यह सभा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं का संगम थी।
“रामदास दा की विरासत को संभालेंगे सोमेश”
सीएम हेमंत सोरेन ने सभा की शुरुआत में झारखंड आंदोलनकारी और पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन को याद किया। उनकी आवाज में अपनापन था जब उन्होंने कहा, “घाटशिला की जनता के दिलों में रामदास दा बसते हैं। अब उनके बेटे सोमेश को उसी स्नेह और आशीर्वाद की जरूरत है।” सभा में मौजूद बुजुर्गों की आंखें नम थीं, जबकि युवाओं के चेहरों पर जोश था। हेमंत ने कहा कि सोमेश चंद्र सोरेन अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे, और घाटशिला को विकास की नई राह दिखाएंगे।

“आदिवासी-मूलवासी की सरकार, व्यापारियों की नहीं”
हेमंत सोरेन ने मंच से दो टूक कहा, “यह सरकार व्यापारियों की नहीं, आदिवासी और मूलवासी समाज की है।” उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन इन्हीं लोगों की मेहनत और कुर्बानी से बना है, और यही सरकार अब उनके हक और अधिकार के लिए काम कर रही है।
उनका यह बयान जनता के दिलों को छू गया। मंच के नीचे खड़ी महिलाएं और नौजवान हाथ जोड़कर “जोहार” के साथ प्रतिक्रिया दे रहे थे।
सोमेश एक कोरा कागज हैं, जनता खुद लिखेगी भविष्य
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “सोमेश एक कोरा कागज हैं, जिस पर घाटशिला की जनता जो चाहेगी वही लिखा जाएगा।” उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कुछ लोग जनता को गुमराह करने आएंगे, लेकिन जनता को सतर्क रहना होगा। हेमंत सोरेन ने कहा कि सोमेश घाटशिला की मिट्टी का बेटा है, वह आपके बीच रहेगा, आपके लिए काम करेगा। सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने भावनात्मक अपील की, “जिस तरह आप सबने रामदास दा को प्यार दिया, उसी तरह उनके बेटे सोमेश को भी विधानसभा भेजें। घाटशिला का विकास अधूरा न रहे।” मंच से उतरते वक्त भीड़ “हेमंत भाई जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठी।
मंच पर कई बड़े नेता मौजूद
इस मौके पर मंत्री दीपक बिरूआ, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, पूर्व सांसद सुमन महतो, लक्ष्मण टुडू, बाघराय मांडी, और गौरांग माहली सहित कई झामुमो नेता मंच पर मौजूद रहे।

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