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Ranchi : रात गहराती, सड़कें सुनसान होतीं और तभी अचानक सामने आ जाते ये लोग। गाड़ियों को रुकवाते और फिर हथियार दिखाकर लूटपाट करते। रांची में ऐसा ही एक गैंग कई दिनों से सक्रिय था। लेकिन इस बार पुलिस ने वक्त रहते घेराबंदी कर दी और पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।
सुनसान सड़कें, टारगेट तय और फिर हमला
यह गैंग रात के अंधेरे का फायदा उठाता था। जैसे ही सड़कें खाली होतीं, ये लोग अलग-अलग जगहों पर खड़े होकर आने-जाने वाले वाहनों को निशाना बनाते। पहले गाड़ी रुकवाते, फिर हथियार दिखाकर डराते और कुछ ही मिनटों में लूट को अंजाम देकर फरार हो जाते। लोगों को समझ ही नहीं आता कि उनके साथ क्या हो गया।
एक सूचना और बदल गई पूरी कहानी
29 मार्च की रात रांची एसएसपी राकेश रंजन को खबर मिली कि दो युवक बिना नंबर प्लेट की बाइक से बेड़ो से लापुंग की ओर जा रहे हैं और उनके पास हथियार है। सूचना मिलते ही रांची पुलिस हरकत में आ गई। रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर की देखरेख और डीएसपी बेड़ो अशोक राम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। सड़क पर घेराबंदी की गई और कुछ ही देर में दोनों संदिग्ध पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनमें एक नाबालिग भी शामिल था।
पूछताछ में खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ में धीरे-धीरे पूरी कहानी सामने आने लगी। पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया कि वे अकेले नहीं, बल्कि इस काम में और लोग भी उनका साथ देते हैं। हथियार कौन देता है, कहां से लाता है, हर परत खुलने लगी। उन्होंने बताया कि धुर्वा इलाके में पहले भी लूट की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। वहीं से लूटी गई बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली। इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह लापुंग के करमचौरा इलाके में अगली वारदात की तैयारी में था।
हथियार सप्लायर भी पकड़े गए
गिरोह सिर्फ लूट तक सीमित नहीं था, इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। पूछताछ में पता चला कि हथियार ईटकी इलाके के दो लोगों से खरीदे गए थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए श्रवण सिंह और सुका उरांव को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर एक सिक्सर और एक देशी कट्टा बरामद किया गया।
हथियार, गोलियां और बाइक जब्त
पुलिस की इस कार्रवाई में जो सामान मिला, वह इस गिरोह की तैयारी का साफ सबूत है। इन सामानों में एक सिक्सर, दो देशी कट्टा, तीन जिंदा गोलियां, एक रॉयल एनफील्ड बाइक और एक पल्सर 220 बाइक शामिल हैं।
पुराने अपराधों से जुड़ा रहा गैंग
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी आशीष उरांव का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। वहीं हथियार सप्लायर श्रवण सिंह भी पहले हत्या के मामले में जेल जा चुका है। इससे साफ है कि यह गिरोह पहले से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय था।
पुलिस की सख्ती से टूटा गैंग का मनोबल
इन बदमाशों को दबोचने में बेड़ो डीएसपी अशोक राम, लापुंग थानेदार गोविंद कुमार, ईटकी थानेदार मनीष कुमार, नरकोपी थानेदार नागेश्वर साव, बेड़ों थानेदार सुजीत उरांव, एसआई सचिन लकड़ा, राजेंद्र कुमार महतो और विवेक कुमार दुबे की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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