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Ranchi : दिन में सब कुछ सामान्य दिखता था। ट्रेनें आती-जाती थीं, कर्मचारी अपने काम में लगे रहते थे। लेकिन रात के सन्नाटे में हटिया रेलवे यार्ड के भीतर एक ऐसा खेल चल रहा था, जिसकी भनक तक किसी को नहीं थी। यह खेल था रेलवे के डीजल की चोरी का, और चौंकाने वाली बात यह रही कि इसमें खुद रेलवे का कर्मचारी शामिल था। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की कार्रवाई ने इस पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। अब इस मामले में एक कर्मचारी समेत तीन लोग सलाखों के पीछे हैं।
ऐसे शुरू हुआ शक, फिर बिछा जाल
27 मार्च को RPF को डीजल चोरी की सूचना मिली। मामला दर्ज हुआ और जांच शुरू हुई। पहले अजय कुमार साहू को पकड़ा गया। शुरुआत में मामला छोटा लग रहा था, लेकिन जैसे ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, कहानी ने नया मोड़ ले लिया। अजय ने जो बताया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया।
5 हजार में 55 लीटर डीजल का सौदा
पूछताछ में सामने आया कि 26 मार्च को अजय कुमार साहू ने 55 लीटर रेलवे डीजल खरीदा था। इसके लिए उसने 5 हजार रुपये फोनपे के जरिए भुगतान किया था। यह कोई एक बार की घटना नहीं थी, बल्कि एक सेट सिस्टम के तहत हो रहा सौदा था।
अंदर का आदमी ही निकला बड़का खिलाड़ी
RPF टीम जब हटिया यार्ड की वाशिंग लाइन नंबर-05 पहुंची, तो असली चेहरा सामने आया। यहां तैनात रेलवे कर्मचारी शियो शंकर कुमार ही इस पूरे खेल का मुख्य किरदार निकला। उसने स्वीकार किया कि वही फ्यूल वाल्व से डीजल निकालकर बेचता था। यानी जिस सिस्टम की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वहीं से चोरी हो रही थी।
फ्यूल वाल्व बना चोरी का जरिया
जांच में पता चला कि हाई स्पीड डीजल फ्यूल वाल्व से सीधे डीजल निकाला जाता था। यह तरीका ऐसा था कि बाहर से देखने पर किसी को शक भी नहीं होता। धीरे-धीरे डीजल निकालकर बेचा जाता रहा और सिस्टम को नुकसान पहुंचता रहा।
बिचौलिया भी खेल में शामिल
इस नेटवर्क में सिर्फ खरीदार और सप्लायर ही नहीं थे, बल्कि एक बिचौलिया भी था। सम्पी कुमार नाम का व्यक्ति, जो एक निजी कंपनी में साइट इंजीनियर है, इस पूरे सौदे को जोड़ने का काम करता था। उसने पूछताछ में कबूल किया कि उसे इस काम के बदले 100 रुपये फोनपे और 600 रुपये नकद मिलते थे। यानी छोटा हिस्सा लेकर वह बड़ी चोरी को जोड़ने का काम कर रहा था।
खुद चलकर RPF के पास पहुंचा
जब RPF को उसके बारे में जानकारी मिली और तलाश शुरू हुई, तो सम्पी कुमार खुद ही RPF पोस्ट हटिया पहुंच गया। वहां दोनों आरोपियों ने उसकी पहचान की, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों सलाखों के पीछे, जांच जारी
अब इस मामले में अजय कुमार साहू, शियो शंकर कुमार और सम्पी कुमार तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके खिलाफ RP(UP) Act के तहत कार्रवाई की जा रही है। RPF अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं हो सकता। जांच इस दिशा में भी चल रही है कि कहीं इस तरह का नेटवर्क और जगहों पर तो सक्रिय नहीं है।
सख्त संदेश : अब नहीं बचेगा कोई
इस कार्रवाई के बाद रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रेलवे संपत्ति से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती और बढ़ेगी। अंदर के लोग हों या बाहर के, अगर कोई इस तरह के खेल में शामिल पाया गया, तो सीधी कार्रवाई होगी।
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