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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : सुबह का समय था। पतरातू ब्लॉक मोड़ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे-छोटे बच्चे खेलते और पढ़ाई करते नजर आ रहे थे। कोई कविता बोल रहा था, तो कोई कॉपी में रंग भरने में जुटा था। इसी बीच अचानक जिला डीसी ऋतुराज केंद्र पहुंच गए। डीसी को अपने बीच देखकर कुछ देर के लिए आंगनबाड़ी कर्मियों और अधिकारियों में हलचल बढ़ गई। डीसी सीधे बच्चों के बीच पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बात की, उनका हाल जाना और यह समझने की कोशिश की कि केंद्र में उन्हें कैसी सुविधाएं मिल रही हैं। निरीक्षण के दौरान बच्चों के भोजन से लेकर पढ़ाई, साफ-सफाई और स्वास्थ्य जांच तक हर व्यवस्था को करीब से देखा गया।
“बच्चों को बेहतर माहौल मिलना चाहिए”
निरीक्षण के दौरान डीसी ने साफ कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ सरकारी भवन नहीं हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य की पहली पाठशाला हैं। यहीं से बच्चे सीखना शुरू करते हैं और यहीं उनकी शारीरिक व मानसिक विकास की नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि अगर शुरुआती स्तर पर बच्चों को सही पोषण और अच्छा माहौल नहीं मिलेगा, तो इसका असर उनके पूरे भविष्य पर पड़ सकता है। इसलिए हर हाल में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहनी चाहिए।
पोषाहार की गुणवत्ता पर विशेष नजर
डीसी ने बच्चों को दिए जा रहे भोजन की भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि तय मीनू के अनुसार खाना दिया जा रहा है या नहीं। निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मियों को सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ खाना देना काफी नहीं है, बल्कि पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन देना जरूरी है। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
साफ पानी, शौचालय और बिजली व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण के दौरान डीसी ने केंद्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी जांच की। उन्होंने पेयजल व्यवस्था, शौचालय की स्थिति और बिजली आपूर्ति को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि बच्चों को स्वच्छ पानी मिलना चाहिए और शौचालय हर समय उपयोग के लायक होना चाहिए। साथ ही केंद्र परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। डीसी ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए साफ और सुरक्षित वातावरण बेहद जरूरी है। गंदगी या अव्यवस्था किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
खेल-खेल में पढ़ाई पर दिया जोर
डीसी ने प्री-स्कूल शिक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं से कहा कि बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि खेल-खेल में सीखने का माहौल तैयार करें। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को पढ़ाने का तरीका अलग होना चाहिए। अगर बच्चे खुशी के साथ सीखेंगे, तो उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होंगे।
पोषण ट्रैकर ऐप पर समय से अपडेट का निर्देश
निरीक्षण के दौरान ‘पोषण ट्रैकर ऐप’ की स्थिति भी देखी गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बच्चों की उपस्थिति, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी हर जानकारी समय पर ऐप में अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का सही लाभ तभी मिलेगा, जब जमीनी स्तर पर काम पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाएगा।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के आखिर में डीसी ऋतुराज ने अधिकारियों और कर्मियों को साफ चेतावनी दी कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रवींद्र कुमार गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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