Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 18 April, 2026 • 08:14 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » कानून को ठेंगा… रात के अंधेरे में जहर की बारिश… जानें
Headlines

कानून को ठेंगा… रात के अंधेरे में जहर की बारिश… जानें

February 20, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
फ्लाई ऐश
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : भुरकुंडा को चोरघरा अक्सर दिन में शांत दिखता है। बच्चे गलियों में खेलते हैं, महिलाएं चापाकल पर पानी भरती हैं और बुजुर्ग पीपल के नीचे बैठकर बीते दिनों की बातें करते हैं। लेकिन जैसे ही रात गहराती है, गांव की यह शांति डर में बदल जाती है। भारी ट्रकों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है, धूल का गुबार उठता है और देखते ही देखते खाली पड़ी जमीन पर फ्लाई ऐश के ढेर लग जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, दिन में सब “क्लीन” और रात में खेल “डर्टी”। भारी ट्रक सुनसान वक्त में पहुंचते हैं, फ्लाई ऐश गिरता है और सुबह तक जमीन पर ढेर।

ग्रामीणों का इल्जाम है कि मां छिन्मस्तिका प्लांट हेहल द्वारा रात के अंधेरे में सार्वजनिक जमीन पर अवैध रूप से फ्लाई ऐश डंप किया जा जाता है। यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि गांव के लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध है, जिसे अंधेरे का सहारा लेकर अंजाम दिया जा रहा है। वहीं, जिम्मेदार मौनी बाबा बने हुए हैं।

Advertisement Advertisement

“सुबह उठते ही धूल ही धूल दिखती है”

गांव की एक बुजुर्ग महिला कहती हैं, “पहले यहां खुली जमीन थी, बच्चे खेलते थे। अब सुबह उठते ही धूल ही धूल दिखती है। हवा चलती है तो सांस लेना मुश्किल हो जाता है।” उनकी आंखों में चिंता साफ झलकती है, डर इस बात का कि आने वाले समय में उनके पोते-पोतियों को क्या विरासत मिलेगी।

पानी पर भी मंडराने लगा खतरा

ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता पानी को लेकर है। लोगों का कहना है कि अगर फ्लाई ऐश ऐसे ही पड़ा रहा तो जमीन के नीचे का पानी भी जहरीला हो सकता है। एक युवक बताता है, “हम खेती-किसानी पर निर्भर हैं। अगर पानी खराब हो गया तो न खेत बचेगा, न मवेशी।”

सार्वजनिक जमीन पर फ्लाई ऐश डंपिंग, पर्यावरण की खुली हत्या

फ्लाई ऐश जैसे खतरनाक औद्योगिक कचरे को सार्वजनिक भूमि पर फेंकना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण की खुली हत्या भी। खेतों और खाली जमीनों के आसपास घूमने वाले पशु-पक्षी भी अब कम नजर आने लगे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि फ्लाई ऐश की वजह से उनका प्राकृतिक ठिकाना खत्म हो रहा है। एक बुजुर्ग किसान भावुक होकर कहते हैं “यह सिर्फ इंसानों की लड़ाई नहीं है, यह प्रकृति को बचाने की लड़ाई है।”

पंचायत का आक्रोश… “यह गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं”

पंचायत मुखिया जयनारायण प्रसाद, बिट्टू कुमार, ललित नायक, बीरबल तुरी, सुलेन्द साव, दिलीप कुमार, दीपक कुमार, मुनेशर कुमार और गांवके अनय लोग कहते हैं कि यह कृत्य न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि अमानवीय भी है। उनका कहना है कि “रात के अंधेरे में कचरा डालकर कोई भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। हम अपने गांव को मरने नहीं देंगे।” वहीं, कुछ लोग कह रहे हैं कि हवा में उड़ती राख सांसों में घुस रही है। बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों पर असर साफ दिख रहा है। आरोप है कि कंपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए रात का रास्ता चुन रही है, ताकि न फोटो बने, न सवाल उठें।

प्रशासन से उम्मीद, आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अवैध रूप से डंप किए गए फ्लाई ऐश को जल्द हटाने की अपील की गई है। लोगों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो वे जनआंदोलन और कानूनी लड़ाई के लिए मजबूर होंगे।

मिट्टी बचाने की जंग

चोरघरा पंचायत आज एक सवाल पूछ रही है, विकास के नाम पर क्या गांवों की सांसें छीनी जाएंगी? यहां के लोग कहते हैं कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अपने जीवन और पर्यावरण की कीमत पर नहीं। यह लड़ाई सिर्फ फ्लाई ऐश के ढेर हटाने की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की है।

इसे भी पढ़ें : जांच में देरी नहीं चलेगी, संयुक्त सचिव और डीजीपी की हाईलेवल मीटिंग में बड़ा फैसला… जानें

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleतीन साल बाद यश की धमाकेदार वापसी, ‘टॉक्सिक’ टीजर ने बढ़ाई फैंस की धड़कन
Next Article राजधानी में सड़कों पर उतरी फोर्स, निकाय चुनाव से पहले सुरक्षा जाल तैयार

Related Posts

Headlines

मुकेश लुनायत ने लिया रामगढ़ SP का चार्ज, बोले- डर नहीं, भरोसे की जगह बने थाना

April 18, 2026
बिहार

कैमरे के पीछे की मेहनत को मिला मंच, पटना में सजा युवा सिनेमा का मेला

April 18, 2026
जॉब/एजुकेशन

भारत पेट्रोलियम में बंपर Vacancy, 17 लाख तक सैलरी का मौका

April 18, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

मुकेश लुनायत ने लिया रामगढ़ SP का चार्ज, बोले- डर नहीं, भरोसे की जगह बने थाना

April 18, 2026

कैमरे के पीछे की मेहनत को मिला मंच, पटना में सजा युवा सिनेमा का मेला

April 18, 2026

भारत पेट्रोलियम में बंपर Vacancy, 17 लाख तक सैलरी का मौका

April 18, 2026

रवि आनंद ने संभाला चतरा डीसी का चार्ज, दिखा एक्शन वाला मूड

April 18, 2026

निखिल राय ने लिया कोतवाली ASP का चार्ज, क्या बोल गये… जानें

April 18, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.