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Ranchi : रांची व्यवहार न्यायालय में पांच दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान का समापन एक ऐसी उपलब्धि के साथ हुआ, जिसने कई परिवारों की जिंदगी में नई उम्मीद जगाई। अदालत की औपचारिक कार्यवाही के बीच DLSA के इस तरह के प्रयास ने न केवल कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाया, बल्कि टूटते रिश्तों की डोर को फिर से जोड़ गया।
शुरुआत धीमी, लेकिन परिणाम उम्मीद से बढ़कर
अभियान की शुरुआत 15 सितंबर 2025 को हुई। पहले दिन केवल 2 मामले सुलझ सके, लेकिन दूसरे दिन 33 मामले, तीसरे दिन 41 मामले और चौथे दिन 40 मामले निपटाए गए। अभियान के अंतिम दिन भी 40 मामलों का समाधान किया गया। इस प्रकार, पांच दिनों में कुल 156 मामले सफलतापूर्वक निपटाए गए।
इन मामलों पर दिखा असर
इस विशेष अभियान में मुख्य रूप से पारिवारिक और सामाजिक विवादों को सुलझाने पर जोर दिया गया। इस विशेष मध्यस्थता अभियान में तलाक से जुड़े मामले, वैवाहिक पुनर्स्थापना, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण, बच्चों की संरक्षकता और अभिरक्षा, परिवार न्यायालय में लंबित अन्य मामले, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, आईपीसी की धारा 498ए तथा घरेलू हिंसा से संबंधित अन्य मामले शामिल थे। इन सभी मामलों में मध्यस्थों और अधिवक्ताओं ने दोनों पक्षों को समझाकर सहमति बनाई।
राहत की सांस और नई शुरुआत
अभियान के दौरान कई ऐसे परिवार सामने आए, जिनके रिश्ते लंबे समय से अदालत की दहलीज पर दम तोड़ने वाले थे। पर कानून के धुरंधरों के समझाने-बुझाने का बेहरीन तरीका लोगों के मन के भीतर की खटास को दूर करने में सफल रहा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान से लोगों का भरोसा बढ़ता है। जहां अदालतों में वर्षों तक मामले लंबित रहते हैं, वहीं मध्यस्थता के जरिए कुछ ही दिनों में विवाद सुलझाना बड़ी उपलब्धि है।
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