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Ranchi : चर्चित कमल भूषण हत्याकांड में सरकारी गवाह बने मुनव्वर अफाक ने जेल के अंदर ही भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। उसने जेल कर्मियों पर मारपीट करने, पैसे छीनने और मानसिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुनव्वर अफाक के पिता अफाक अहमद ने गृह विभाग के सचिव, जेल आईजी, मानवाधिकार आयोग के आईजी और मुख्यमंत्री तक से पत्र के जरिये शिकायत की है।
अफाक अहमद ने लिखा है कि जेल में उनके बेटे मुनव्वर अफाक को न्यूरो और गैस्ट्रोलॉजी से जुड़ी समस्या है। जेल में उसकी तबीयत बिगड़ गयी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए रिम्स लाया गया था। रिम्स में जरूरी खर्च के लिए अफाक ने बेटे को चार हजार रुपये दिये थे। रिम्स से डिस्चार्ज होने के बाद उसे वापस जेल ले जाया गया। इल्जाम है कि जेलकर्मी उदय करमाली और जेल गेट पर तैनात रमेश राम ने मुनव्वर अफाक के साथ मारपीट की और उससे चार हजार रुपये छीन लिये। उनका मन यहीं नहीं भरा, उनलोगों ने मुनव्वर को जबरन “पगला सेल” में डालकर डिग्री पैक कर दिया और पैसों की डिमांड की।
जेलकर्मी ने मुनव्वर से कहा कि अगर यहां से बाहर निकलना है तो एक लाख रुपये का इंतजाम करो, नहीं तो यहीं सड़ते रहोगे। इसके अलावा दूसरे जेल में शिफ्ट करने की भी धमकी दी गयी। अफाक ने दावा किया है कि उनके बेटे मुनव्वर को जेल कर्मियों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, ताकी वह अपने बयान से मुकर जाये। लगातार मिल रही प्रताड़ना से मुनव्वर मानसिक रूप से टूट चुका है। इन सब से तंग आकर मुनव्वर ने जेल में ही भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। उसका कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, वह अपना भूख हड़ताल जारी रखेगा। वहीं, उसके पिता अफाक अहमद ने मांग की है कि उनके बेटे के साथ हो रहे अत्याचार की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी जेलकर्मियों पर कार्रवाई की जाए।
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