अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : झारखंड में रेल यात्रा करने वाला हर आम यात्री चाहता है कि ट्रेन समय पर मिले, स्टेशन साफ हों, कोच सुरक्षित हों और लंबी दूरी की यात्रा थोड़ी आसान हो। इन्हीं उम्मीदों और जरूरतों को लेकर गुरुवार को रांची में रांची और चक्रधरपुर रेल मंडल की मंडल स्तरीय सांसदों की बैठक हुई, जो केवल एक औपचारिक समीक्षा बैठक नहीं रही, बल्कि झारखंड के रेल भविष्य पर गंभीर मंथन का मंच बनी। होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित इस बैठक में सांसदों और दक्षिण पूर्व रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने आम यात्रियों की रोजमर्रा की परेशानियों को केंद्र में रखकर चर्चा की। बातचीत का फोकस कागजी योजनाओं से आगे बढ़कर जमीन पर दिखने वाले बदलाव पर रहा।
यात्रियों की सुविधा बनी चर्चा का केंद्र
बैठक में यह साफ महसूस हुआ कि रेल विकास केवल नई पटरियां बिछाने तक सीमित नहीं है। महिला यात्रियों की सुरक्षा, स्टेशनों की साफ-सफाई, ट्रेनों में कोचों की स्थिति, समय पालन और यात्रियों के साथ कर्मचारियों का व्यवहार जैसे मुद्दों पर खुलकर बात हुई। सांसदों ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में रेलवे न सिर्फ परिवहन का साधन है, बल्कि लाखों लोगों की रोजी-रोटी और शिक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
झारखंड की आवाज बनकर सामने आए अजय राय
राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा की ओर से बैठक में शामिल हुए उनके अधिकृत प्रतिनिधि अजय राय ने झारखंड से जुड़ी रेल मांगों को मजबूती से रखा। उन्होंने रांची सहित राज्य के कई जिलों में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, लंबी दूरी की ट्रेनों के विस्तार और प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि जब तक ट्रेनें आम लोगों की जरूरत के अनुसार नहीं चलेंगी, तब तक विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने कोचों की गुणवत्ता सुधारने, एलएचबी कोच में बदलाव, मेमू सेवाओं के विस्तार और ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली को भी बैठक के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल किया।
वंदे भारत और अमृत भारत पर उम्मीदें
बैठक में वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। यह मुद्दा केवल हाई-स्पीड ट्रेनों का नहीं, बल्कि झारखंड को देश के बड़े शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी देने से जुड़ा है। सांसदों का मानना है कि इससे व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं।
रेलवे अधिकारियों का सकारात्मक रुख
दक्षिण पूर्व रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने सांसदों की बातों को गंभीरता से सुना। कुछ मांगों पर हुई प्रगति की जानकारी साझा की गई, वहीं बाकी मुद्दों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया। बैठक के दौरान यह संदेश भी स्पष्ट रहा कि रेलवे और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद लगातार बना रहना जरूरी है।
आगे भी जारी रहेगा रेल हितों का संघर्ष
बैठक के अंत में अजय राय ने कहा कि डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा आगे भी संसद और रेलवे से जुड़े हर मंच पर झारखंड के यात्रियों की आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना था कि लक्ष्य साफ है, झारखंड के लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद रेल सेवाएं मिलें।
उम्मीद की पटरी पर आगे बढ़ता झारखंड
इस बैठक ने यह भरोसा जरूर दिया कि झारखंड की रेल समस्याएं अब सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में बढ़ते कदम हैं। आम यात्रियों की नजर अब इस पर टिकी है कि बैठक में उठे मुद्दे कब जमीन पर दिखते हैं, क्योंकि उनके लिए रेल सिर्फ सफर नहीं, जिंदगी का हिस्सा है।
इसे भी पढ़ें : ECINET लॉन्च, 22 भाषाओं में दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी प्लेटफॉर्म

