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Patna : बिहार में ओवरलोडिंग और खराब हालत वाले वाहनों के खिलाफ कड़क कदम उठाने की तैयारी है। ADG (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया कि अब सड़क दुर्घटना में सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, बल्कि वाहन मालिक को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बीएनएस की धारा 105 के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
हाल के महीनों में हुए ऑटो और बस हादसों को लेकर उन्होंने चेतावनी दी कि अब किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
ओवरलोडिंग पर कोई समझौता नहीं होगा। खासतौर पर छोटे ऑटो में यात्रियों की संख्या अधिक रखना और माल ढोना अब भारी जुर्माना और कड़ी सजा का कारण बनेगा। दुर्घटना होने पर वाहन मालिक समेत सभी जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज होगा।
हालिया दुर्घटनाओं में मसौढ़ी में ऑटो पलटने से 7 लोगों की मौत, गया में 4, पटना में 3 और दनियावां में 9 महिलाओं की जान गई। इन सभी मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जहानाबाद में स्कूल बस हादसे को भी अनफिट वाहन का मामला माना गया है, जिसमें भी कड़ी सजा होगी।
ऑटो चालकों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब शहर के चौराहों के 50 मीटर के अंदर ऑटो खड़ा करना मना होगा, और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी; पकड़े जाने पर चालक और वाहन मालिक दोनों के खिलाफ मुकदमा होगा।
स्कूली बच्चों के लिए ई-रिक्शा में यात्रा पहले से प्रतिबंधित है, लेकिन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
एडीजी ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ओवरलोडिंग वाले वाहनों में सफर करने से बचें और ऐसे वाहनों की सूचना पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक इस समस्या का समाधान मुश्किल है। बिहार पुलिस अब नियमों के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की रियायत नहीं करेगी।

