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Latehar : दूसरी शादी की चाह ने एक घर में ऐसा तूफान खड़ा कर दिया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। लातेहार जिले के उक्कामाड़ गांव में एक युवक पर आरोप है कि उसने पत्नी और बीस दिन के नवजात को रास्ते से हटाने की कोशिश की। रात का सन्नाटा, बदबूदार दवा और रोते हुए बच्चे की सांसें… यह कहानी इंसानियत को झकझोर देती है।
जहर मिली दवा और टूटते रिश्तों का सच
शनिवार की शाम रूबी देवी अपने बच्चे को लेकर कमरे में बैठी थीं। पति दवा की बोतल लेकर आया और बच्चे को पिलाने को कहा। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे ही रूबी ने दवा पास लाई, एक तेज दुर्गंध ने उसे चौंका दिया। उसने थोड़ा सा पिया और तुरंत उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चे को दवा मिलने के बाद वह भी ढीला पड़ने लगा। उसी पल रूबी को लगा कि कुछ बहुत गलत हो गया है।
अस्पताल की ओर दौड़ती मां
बिना समय गंवाए वह नवजात को गोद में लेकर एमएमसीएच पहुंची। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती किया गया। छोटा सा शरीर मशीनों के सहारे लड़ रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि सही समय पर लाने की वजह से उसकी जान बच पाई है। रूबी रात भर वार्ड के बाहर बैठी रही। हर बीप पर उसकी आंखें उठ जातीं। हर सांस के साथ उसका दिल धड़कता। एक मां अपने बच्चे की जिंदगी के लिए पूरी रात पहरा देती रही।
पुलिस को बताया दर्द
रविवार सुबह रूबी ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी को सिर्फ एक साल हुई है। शादी के बाद पति का एक युवती से नाजायज रिश्ता शुरू हो गया। वह दूसरी शादी करना चाहता है और इसी वजह से पत्नी और बच्चे को बोझ मानने लगा था। रूबी को अब यकीन हो गया है कि दवा में जहर मिलाकर उसी ने यह कदम उठाया।
बच्चा अब सुरक्षित, पर डर बरकरार
अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि बच्चा अब खतरे से बाहर है। उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। रूबी उसकी देखरेख में लगी है। पुलिस ने महिला का बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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