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Patna : भारत-नेपाल सीमा पर अवैध घुसपैठ, जाली नोट, फर्जी दस्तावेज और ड्रग्स तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्र और बिहार सरकार मिलकर कड़ा एक्शन लेंगी। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में शनिवार को भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर एक हाईलेवल रिव्यू मीटिंग हुई। इस बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सीमावर्ती जिलों में कानून व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए।
फर्जी बैंक खातों और जाली नोटों पर सख्त पहरा
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि देश की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बिहार पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों को आपसी तालमेल मजबूत करने को कहा। सीमावर्ती इलाकों के बैंकों में नकली नोटों की पहचान करने वाली मशीनें अनिवार्य रूप से लगाई जाएंगी ताकि जाली मुद्रा के चलन को रोका जा सके। इसके अलावा बॉर्डर के इलाकों में संदिग्ध और फर्जी म्यूल बैंक खातों की पहचान कर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत 2029’ अभियान के तहत सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

बिना रजिस्ट्रेशन वाले धार्मिक स्थलों की होगी पहचान
सीमावर्ती जिलों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिना पंजीकृत धार्मिक स्थलों की पहचान कर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया ताकि स्थानीय आबादी का सशक्तिकरण हो सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी केंद्रीय सुरक्षा व जांच एजेंसियों के साथ हर महीने नियमित बैठक करेंगे, जिससे किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।
बैठक में आला अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, स्पेशल ब्रांच के डीजी कुंदन कृष्णन और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह समेत कई विभागों के प्रमुख सचिव और केंद्रीय एजेंसियों के आला अफसर उपस्थित रहे। वहीं सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े।
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