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New Delhi : दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से जम कर बैठा विरोध प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया है। CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को अपना आंदोलन तुरंत प्रभाव से वापस लेने का बड़ा फैसला सुनाया। यह कदम केंद्र सरकार और सीजेपी के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत के बाद उठाया गया है। इससे पहले इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ तीसरे दौर की बातचीत रही सफल
शनिवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बातचीत में सीजेपी की तरफ से सौरव दास शामिल हुए। दोनों पक्षों के बीच हुई यह तीसरे दौर की बैठक बेहद सकारात्मक रही। बैठक खत्म होते ही सीजेपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और धरना खत्म करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। इसके साथ ही पार्टी ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए अपने कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है।
दर्ज एफआईआर वापस लेगी सरकार, तीन-चार दिनों में मिलेगी कॉपी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने सरकार के साथ हुई चर्चा का पूरा ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि पार्टी की दूसरी मुख्य मांग यह थी कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर तुरंत रद्द की जाएं। यह मांग सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि सभी भाजपा-शासित और सहयोगी राज्यों में दर्ज मामलों को वापस लेने की बात कही गई थी।
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने इस मांग को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में लगभग 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं। सरकार ने भरोसा दिया है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर इन एफआईआर की प्रतियां पार्टी को सौंप दी जाएंगी और जल्द ही केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा, सीजेपी ने सरकार को एक ड्राफ्ट सौंपा है, जो कि लिखित गारंटी के तौर पर काम करेगा। सरकार ने मंगलवार तक इस गारंटी को साझा
#WATCH दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के डेलीगेशन से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “आज हमारी लंबी बातचीत हुई। वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में 4 पॉइंट्स रखे थे। इसके साथ ही, हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की: कोई बदले की… pic.twitter.com/rESCGK2Ozx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 25, 2026
समझौते की शर्तों पर आंदोलन वापस, पार्टी ने जताया भरोसा
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने साफ किया कि वे सरकार के वादों और तय समय-सीमा पर भरोसा जताते हुए अपना आंदोलन खत्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस विश्वास के साथ कदम पीछे खींच रही है कि जो बातें तय हुई हैं, उन्हें समय पर पूरा किया जाएगा। वहीं पार्टी के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लंबे समय से चल रहा था और उनकी तीन मुख्य मांगें थीं। इसमें से पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो उनके पद छोड़ते ही पूरी हो गई।
नड्डा बोले- शिक्षा सुधार चार्टर पर सरकार करेगी गंभीरता से विचार
वार्ता के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी ने उन्हें परीक्षाओं में सुधार से जुड़ा एक पांच-सूत्रीय चार्टर दिया है। सरकार इस चार्टर पर बेहद गंभीरता से विचार करेगी और प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के आधार पर हर संभव कदम उठाएगी। नड्डा ने कहा कि सरकार ने सीजेपी की तमाम मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है और उन्हें मान लिया है।
मुआवजे और मुकदमों पर सरकार का रुख साफ
जेपी नड्डा ने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों, दंडात्मक कार्रवाई न करने और मुआवजे जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार ने सीजेपी को एफआईआर की कॉपी मुहैया कराने का भरोसा दिया है और साफ किया है कि प्रदर्शनकारियों पर कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा। इसके अलावा, नुकसान या अन्य मामलों में मुआवजे के बिंदु पर भी सकारात्मक सहमति बनी है।
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