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Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC को लेकर प्रदेश के युवाओं का गुस्सा अब सड़क पर उतरने वाला है। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आयोग की कथित अनियमितताओं और अपारदर्शी कार्यप्रणाली के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि लाखों युवा सालों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने से उनका भरोसा लगातार टूट रहा है। शशांक राज ने JPSC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस आयोग पर युवाओं को सरकारी नौकरी देने की जिम्मेदारी है, वह अब “रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि रोजगार का व्यापार करने वाला संस्थान” बन गया है। उन्होंने कहा कि भाजयुमो अब इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगा और युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाएगा।
20 जुलाई को सोशल मीडिया कैंपेन, 21 को हाथों में मशाल लेकर सड़क पर उतरेंगे युवा
शशांक राज ने आंदोलन की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि 20 जुलाई को पूरे झारखंड में सोशल मीडिया कैंपेन चलाया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई को सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि मशाल जुलूस के जरिए युवाओं के आक्रोश को सरकार और आयोग तक पहुंचाया जाएगा। लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का कहना है कि परीक्षा की तारीख, परिणाम और चयन प्रक्रिया को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी रहती है। इसी मुद्दे को लेकर भाजयुमो युवाओं को एकजुट करेगा।
22 जुलाई को JPSC कार्यालय का घेराव
आंदोलन का सबसे बड़ा कार्यक्रम 22 जुलाई को रांची में होगा। इस दिन भाजयुमो कार्यकर्ता और प्रतियोगी छात्र “चलो JPSC घेरते हैं” अभियान के तहत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च करेंगे। इसके बाद आयोग कार्यालय का घेराव किया जाएगा। भाजयुमो ने इस दौरान “JPSC सफाई अभियान” चलाने की भी घोषणा की है। शशांक राज ने कहा कि युवाओं के सवालों का जवाब देना होगा। अगर आयोग और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाते हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने हाल में जारी परीक्षा परिणाम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परिणाम में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। उनका सवाल था कि जब आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे, तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया? उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा होता है। ऐसे में परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी तरह की कमी से अभ्यर्थियों के मन में संदेह पैदा होता है।
पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल का दिया उदाहरण
शशांक राज ने JPSC की पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय सभी जरूरी हस्ताक्षर होने के बाद ही परिणाम जारी किए जाते थे। उन्होंने वर्ष 2011 से 2013 के JPSC प्रकरण का उल्लेख करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर युवाओं के मन में कई सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना जरूरी है।
RTI में कॉपी नहीं दिखाने और कटऑफ सार्वजनिक नहीं करने का आरोप
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों को सूचना का अधिकार यानी RTI के तहत अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता। उन्होंने कहा कि परीक्षा की कॉपियां भी सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड नहीं की जाती हैं। उन्होंने आयोग पर परीक्षा का कटऑफ सार्वजनिक नहीं करने का भी आरोप लगाया। शशांक राज ने कहा कि जब अभ्यर्थियों को यह पता ही नहीं चलता कि कटऑफ कितनी रही और चयन किस आधार पर हुआ, तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को अपनी कॉपी देखने और पूरी चयन प्रक्रिया की जानकारी हासिल करने का अधिकार मिलना चाहिए।
देर रात रिजल्ट जारी करने पर भी सवाल
शशांक राज ने कहा कि JPSC की ओर से कई बार परिणाम देर रात करीब 12 बजे जारी किए जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि परिणाम जारी करने का समय इतना असामान्य क्यों रखा जाता है। उन्होंने कहा कि आयोग को नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करना चाहिए। इससे अभ्यर्थियों को पता रहेगा कि कौन सी परीक्षा कब होगी और वे उसी के अनुसार अपनी तैयारी कर सकेंगे। लेकिन परीक्षा कैलेंडर नियमित नहीं होने से छात्रों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
उम्र सीमा बढ़ाने की मांग
भाजयुमो ने झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने की भी मांग की है। शशांक राज ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक है। उन्होंने कहा कि झारखंड में कम उम्र सीमा के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने का मौका ही गंवा देते हैं। राज्य सरकार को युवाओं के हित में तत्काल उम्र सीमा बढ़ाने पर फैसला लेना चाहिए।
‘लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, व्यवस्था से है’
शशांक राज ने साफ कहा कि भाजयुमो का आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। यह कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और अपारदर्शिता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों के साथ भाजयुमो मजबूती से खड़ा है। यदि JPSC की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ और आयोग को पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष नहीं बनाया गया, तो युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेंगे। शशांक राज ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा, “छात्रों की हुंकार, अब नहीं सहेंगे रोजगार का व्यापार।”
प्रेस वार्ता में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार और प्रदेश प्रवक्ता बबन बैठा मौजूद रहे।
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