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Home » भारत के इन मंदिरों में नहीं जा सकते पुरुष, जाने क्या है रहस्य?
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भारत के इन मंदिरों में नहीं जा सकते पुरुष, जाने क्या है रहस्य?

July 1, 2021No Comments3 Mins Read
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नई दिल्ली।  भारत में धर्म को लेकर कई अजीबोगरीब मान्यताएं स्थापित हैं.  भारत में कई मंदिर तो ऐसे हैं जहां पुरुषों का जाना वर्जित है.  कई मंदिरों में तो साल के कुछ दिन सिर्फ महिलाओं को ही पूजा-अर्चना करने की अनुमति है.

आइए आपको भारत के कुछ ऐसे ही धार्मिक स्थलों के बारे में बताते हैं.

अट्टुकल भगवंती मंदिर, केरल

भारत के इन मंदिरों में बैन है मर्दों की एंट्री, आखिर क्या है वजह? - News  AajTak

केरल के अट्टुकल भगवंती मंदिर में एक त्योहार का आयोजन किया जात है, जिसकी जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं के हाथ में ही होती है.

इसके प्रमुख त्योहार अट्टुकल पोंगल में हर तरफ सिर्फ महिला श्रद्धालुओं की ही भीड़ दिखाई देती है.

 

 

ब्रह्मा मंदिर, राजस्थान

Kundli Tv- आइए करें ब्रह्मा जी के एकमात्र मंदिर का दर्शन - let s see the  only temple of brahma ji

ये ब्रह्म देवता के सबसे दुर्लभ मंदिरों में से एक है. इस प्रसिद्ध मंदिर में विवाहित पुरुषों को ब्रह्म देवता की पूजा के लिए गर्भगृह में जाने की इजाजत नहीं है.  मंदिर में एक देवता की पूजा के बावजूद आज तक यहां पुरुषों को जाने की अनुमति नहीं है.

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा देवी सरस्वती के साथ यज्ञ करने वाले थे. लेकिन देवी सरस्वती वहां देरी से पहुंचीं तो उन्होंने देवी गायत्री से विवाह कर यज्ञ पूरा किया. तभी सरस्वती ने श्राप दिया कि इस मंदिर में आज के बाद कोई पुरुष नहीं आएगा. यदि ऐसा हुआ तो उसका वैवाहिक जीवन दुखों से भर जाएगा.

 

माता मंदिर, मुजफ्फरनगर

11 Famous Durga Mata Temple Visit During Navratra 2019 : Durga Puja Vaishno  Devi Darshan With 10 Famous Devi Temple In India | 11 देवी मंदिर जहां  नवरात्र में दर्शन करने से

यह मंदिर असम में कामाख्या मंदिर की तरह ही एक शक्ति स्थल है. यहां पुरुषों को उस वक्त मंदिर परिसर में जाने की इजाजत नहीं है जब देवी के मासिक धर्म का समय होता है. इस दौरान मंदिर की देखभाल करने के लिए भी सिर्फ महिलाएं ही प्रवेश कर सकती हैं.

 

इसे लेकर यहां काफी सख्त नियम बनाए गए हैं. इस शुभ समय में मंदिर का पुजारी भी परिसर में दाखिल नहीं हो सकता है. मंदिर में पूजा और आरती की जिम्मेदारी भी महिलाओं की ही होती है.

 

देवी कन्याकुमारी, कन्याकुमारी

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भारत के दक्षिणी भाग में स्थित इस मंदिर में साल के 365 दिन किसी भी वक्त पुरुषों को जाने की अनुमति नहीं है. मंदिर के द्वार तक सिर्फ संन्यासी पुरुषों को ही जाने की इजाजत है, जबकि शादीशुदा पुरुषों की एंट्री परिसर में वर्जित है.

 

इस मंदिर में देवी भगवती की पूजा होती है और इसे 52 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है. पुराणों के अनुसार, सती का दाहिना कंधा और रीढ़ का हिस्सा इसी स्थान पर गिरा था जो कन्याकुमारी मंदिर के अंदर स्थित है. कुछ मान्यताएं ऐसी भी हैं कि इस स्थान पर भगवान शिव ने विवाह के समय माता पार्वती का अपमान किया था और तभी से यहां पुरुषों के आने पर पाबंदी है.

 

कामाख्या मंदिर, असम

गुवाहाटी के कामाख्‍या मंदिर के बारे में जानें 14 बातें - 14 facts about  kamakhya temple in assam - AajTak

 असम में गुवाहाटी की नीलांचल पहाड़ी पर बना यह मंदिर हर साल धूमधाम से अंबुबाची मेले का आयोजन करता है, जहां दूर-दराज से लोग आते हैं. हालांकि इस दौरान चार दिन के लिए मंदिर के द्वार बंद रहते हैं.

 

ऐसी मान्यताएं है कि ये देवी के मासिक धर्म का समय होता है. इसलिए इन दिनों में यहां पुरुषों को मंदिर के अंदर जाने की इजाजत नहीं है. पूजा-पाठ या बाकी कामों के लिए सिर्फ महिलाएं या संन्यासी पुरुष ही परिसर में एंट्री ले सकते हैं.

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