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Patna/Motihari : मोतिहारी में किसानों को खाद की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच कृषि विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। कृषि निदेशक की अगुवाई में जिले के उर्वरक और बीज प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की गई। जांच के दौरान कई जगह अनियमितताएं मिलने पर छह उर्वरक दुकानों और एक बीज व कीटनाशी प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं कई अन्य दुकानदारों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। कार्रवाई के बाद कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मोतिहारी के DAO यानी जिला कृषि पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय पटना में योगदान देने का निर्देश दिया है। उनकी जगह सहायक निदेशक (शस्य) मृणाल शास्त्री को जिला कृषि पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
किसानों को तय कीमत पर खाद मिले, यही सरकार की प्राथमिकता
संयुक्त कृषि भवन, मोतिहारी में कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी की शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके बाद अधिकारियों की संयुक्त टीम और उड़नदस्ता दल ने जिले के अलग-अलग इलाकों में उर्वरक एवं बीज दुकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन सामने आया। कहीं रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली तो कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने और स्टॉक संबंधी अनियमितताओं की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निलंबित किए और अन्य मामलों में जवाब-तलब किया।
DAO को हटाया, दूसरे अधिकारी को मिला अतिरिक्त प्रभार
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मोतिहारी के DAO यानी जिला कृषि पदाधिकारी को तत्काल मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया। साथ ही सहायक निदेशक (शस्य) मृणाल शास्त्री को जिला कृषि पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का फैसला लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में नियमित और सघन छापेमारी अभियान जारी रखा जाए, ताकि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके और जमाखोरी या कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
अनियमितता करने वालों पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
कृषि मंत्री ने साफ कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों तक समय पर और उचित मूल्य पर खाद पहुंचाना है। यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान खाद की जमाखोरी करता है, अधिक कीमत वसूलता है या वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने और लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया।
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