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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : आमतौर पर भारी मशीनों की आवाज और धुएं के बीच पर्यावरण की बात थोड़ी अलग लगती है, लेकिन रामगढ़ के बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड परिसर में नजारा कुछ बदला-बदला नजर आया। ‘हरित प्रकृति, सुरक्षित कल’ के संदेश को सिर्फ दीवारों पर लिखने के बजाय कंपनी ने इसे जमीन पर उतारने की एक ठोस कोशिश की है। परिसर के खाली हिस्सों को हरा-भरा बनाने के इरादे से यहां एक बड़ा पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत 50 से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियों के पौधे रोपे गए।
अफसरों और मजदूरों ने मिलकर थामी कुदाली
इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें पद और ओहदे की दूरी खत्म नजर आई। कंपनी के बड़े अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों ने एक साथ मिलकर मिट्टी खोदी और पौधे लगाए। हर कोई इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा था। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सिर्फ गड्ढे में पौधा डालकर औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि उन पौधों को पेड़ बनने तक सहेजने, समय पर पानी देने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि पौधे लगाना आसान है, लेकिन असली चुनौती उन्हें बचाए रखने की होती है और वे इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उद्योग के साथ कुदरत को सहेजने की कवायद
आज के दौर में जहां औद्योगिक विकास और पर्यावरण के बीच अक्सर टकराव देखने को मिलता है, वहीं BFCL का यह कदम एक संतुलन बनाने का प्रयास है। प्रबंधन का मानना है कि फैक्ट्रियों के चलने के साथ-साथ आसपास की हवा को साफ रखना भी उतना ही जरूरी है। कंपनी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत आगे भी इस तरह के प्रयास जारी रखने की योजना बना रही है। यह पहल दिखाती है कि अगर नीयत साफ हो, तो औद्योगिक तरक्की के साथ-साथ कुदरत का ख्याल रखना भी मुमकिन है।
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