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Dhanbad : धनबाद की अदालत में आज एक ऐसा फैसला आया जिसने कोयलांचल की सियासत को फिर से गर्मा दिया। 21 मार्च 2017 की उस भयावह शाम को याद करते हुए आज धनबाद की जनता फिर से सिहर उठी, जब शहर की सड़कों पर गोलियों की तड़तड़ाहट ने चार जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया था। पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके अंगरक्षक मुन्ना तिवारी, ड्राइवर घोल्टू महतो और सहयोगी अशोक यादव की हत्या ने पूरे धनबाद को हिला दिया था। आज उसी मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी 11 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा।
वहीं, कोर्ट का फैसला आते ही संजीव सिंह के वकील मो. जावेद ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे संजीव सिंह को जेल तक पहुंचाया था। हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा था। सभी को बरी कर दिया गया है। अब आठ सालों का हिसाब होगा।
वो शाम जो आज भी डराती है
21 मार्च 2017, शाम 7 बजे। सरायढेला के स्टील गेट के पास नीरज सिंह की स्कॉर्पियो धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। तभी अचानक गोलियों की बौछार शुरू हो गई। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। स्कॉर्पियो में बैठे सभी लोग गोलियों से छलनी हो गए। एक महिला चश्मदीद ने बताया कि एक शूटर ने उसकी तरफ भी पिस्टल तानी थी, लेकिन वह डर के मारे वहीं गिर गई और आंखें बंद कर लीं। जब गोलियों की आवाज थमी, तब उसने आंखें खोली — शूटर जा चुके थे।
फैसले का दिन: अदालत बनी छावनी
आज जब कोर्ट ने फैसला सुनाया, तो धनबाद कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील था। भारी पुलिस बल तैनात थी। संजीव सिंह के समर्थकों की भीड़ कोर्ट के बाहर जमा थी। जैसे ही फैसला आया, “संजीव सिंह जिंदाबाद” के नारे गूंजने लगे। समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और इसे “सत्य की जीत” बताया। वहीं, संजीव सिंह की पत्नी और झरिया की विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। आज असत्य पर सत्य की जीत हुई है। संजीव अब फिर से जनता की सेवा में जुटेंगे।
हाई कोर्ट का रुख करेंगे अभिषेक सिंह
कोर्ट के फैसले के बाद नीरज सिंह के घरवालों और समर्थक काफी निराश और मायूस दिखे। उनका कहना है कि न्याय अधूरा रह गया। नीरज के भाई अभिषेक सिंह ने कहा कि अब वे हाई कोर्ट का रुख करेंगे।
किस पर क्या था आरोप
- संजीव सिंह (पूर्व विधायक, झरिया) – मुख्य आरोपी, परिवारिक और राजनीतिक रंजिश।
- धनंजय सिंह उर्फ धनजी सिंह – विधायक का बॉडीगार्ड, हत्या की योजना और रेकी में भूमिका।
- डब्लू मिश्रा (मृत्युंजय मिश्रा) – शूटरों को ठिकाना व सामान उपलब्ध कराया।
- संतोष – फर्जी आईडी से सिम लेकर संपर्क कड़ी का काम किया।
- पंकज सिंह (सुल्तानपुर) – मुन्ना बजरंगी ग्रुप का शार्प शूटर, सुपारी ली और वारदात को अंजाम दिया।
- पिंटू सिंह उर्फ जैनेन्द्र सिंह – हत्या की योजना की पूरी जानकारी थी, शूटरों को भगाने में मदद की।
- संजय सिंह – विधायक का करीबी, योजना की जानकारी और शूटरों की ठहरने की व्यवस्था की।
- अन्य आरोपी – सतीश सिंह, कुर्बान अली, सागर सिंह और अमन सिंह (शूटर)।
नीरज सिंह हत्याकांड : 2017 – 2025 तक
- 21 मार्च 2017 – स्टील गेट पर अंधाधुंध फायरिंग, नीरज सिंह समेत चार की हत्या।
- 23 मार्च 2017 – एफआईआर दर्ज, संजीव सिंह समेत कई नामजद।
- 2017–2018 – 11 आरोपी गिरफ्तार, चार्जशीट दायर।
- 4 अगस्त 2017 – कोर्ट में आरोप तय।
- 2018–2024 – गवाही, बहस और सुनवाई जारी।
- 8 अगस्त 2025 – संजीव सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत।
- 27 अगस्त 2025 – सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया।
- अगला कदम – परिवार हाईकोर्ट में अपील करेगा।
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