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New Delhi : NIA यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार को आतंकी साजिश से जुड़े एक गंभीर मामले में देश के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में एक साथ 22 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय द्वारा सौंपे गए केस RC-1/2025/NIA/CHE के तहत की गई। इस केस में देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों की जांच की जा रही है।
कहां-कहां हुई छापेमारी
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | छापे की संख्या |
|---|---|
| जम्मू-कश्मीर | 9 |
| बिहार | 8 |
| उत्तर प्रदेश | 2 |
| कर्नाटक | 1 |
| महाराष्ट्र | 1 |
| तमिलनाडु | 1 |
एनआईए की टीमें राज्य पुलिस के सहयोग से इन स्थानों पर पहुंचीं और संदिग्ध व्यक्तियों के घरों व परिसरों की तलाशी ली। सबसे ज्यादा छापे जम्मू-कश्मीर और बिहार में पड़े।
कटिहार में पुलवामा कनेक्शन खंगाल रही टीम
बिहार के कटिहार जिले के सेमापुर थाना क्षेत्र में एनआईए की टीम ने दुर्गापुर और बालूघाट इलाके में मुबारक, नूर आलम, हाशिम, निजाम और इकबाल के घरों पर छापेमारी की। इकबाल को हिरासत में लिया गया है, जबकि नूर आलम का मोबाइल और सिम जब्त किया गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन व्यक्तियों का संपर्क पुलवामा हमले के बाद चेन्नई में गिरफ्तार किए गए एकलाख नामक युवक से रहा है। एकलाख चेन्नई में मजदूरी करता था और पुलवामा अटैक के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गांव के पूर्व मुखिया मुजीबुर रहमान ने इन संबंधों की पुष्टि की है।
एनआईए को शक है कि यह नेटवर्क देश में अशांति फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, आतंकी फंडिंग और सीमा पार के संचालकों से समन्वय जैसी गतिविधियों में शामिल है। इसी संदर्भ में कटिहार के सुखासन और दुर्गापुर में पांच घरों में छापेमारी की गई। सूत्रों के अनुसार, रिजाबुल नामक व्यक्ति, जो फिलहाल जेल में है, और इकबाल, जिसे पहले आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया था, इस जांच के केंद्र में हैं।
यह ऑपरेशन केंद्र सरकार की आतंकवाद के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत किया गया है। सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे नेटवर्क के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई करें।
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