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Patna : बिहार पुलिस में सिपाहियों को हवलदार और एएसआई के पदों पर उच्चतर कार्यकारी प्रभार देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने क्षेत्रीय चयन पर्षद की अनुशंसा के आधार पर त्रुटिरहित मनोनयन सूची तैयार करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत संबंधित पुलिसकर्मियों की सेवा-पुस्तिकाओं की जांच के लिए अधिकारियों को मुख्यालय बुलाया गया है। इस संबंध में डीआईजी (कार्मिक) ने राज्य के सभी वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि प्रोन्नति से जुड़ी सूची में मौजूद त्रुटियों को समय रहते ठीक कराया जाए।
केंद्रीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक से पहले तैयारी
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, केंद्रीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक से पहले सिपाही से हवलदार और सिपाही से एएसआई के पदों पर उच्चतर कार्यकारी प्रभार देने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। लेकिन सूची में नाम, जन्मतिथि, नियुक्ति तिथि, पदस्थापन, वरीयता और अन्य सेवा विवरण से जुड़ी कई विसंगतियां सामने आई हैं। इन्हीं त्रुटियों के कारण प्रमोशन प्रक्रिया में देरी की आशंका है, इसलिए मुख्यालय ने सभी जिलों और इकाइयों को दस्तावेजों की जांच कर सही जानकारी भेजने का निर्देश दिया है।
94 एएसआई की वरीयता सूची पर संशय
पुलिस मुख्यालय ने बताया कि 1 जुलाई 2025 तक कार्यरत सहायक अवर निरीक्षकों की राज्य स्तरीय वरीयता सूची प्रकाशित की जानी है। लेकिन वर्तमान सूची में 94 एएसआई के विवरण में खामियां पाई गई हैं। इन 94 एएसआई के रिकॉर्ड में पदस्थापन, सेवा अवधि और अन्य जानकारी में अंतर होने के कारण उनकी वरीयता सूची पर संशय बना हुआ है। इस कारण संबंधित इकाइयों से उनकी ओरिजिनल सेवा-पुस्तिकाएं मंगाई गई हैं।
पटना मुख्यालय में बुलाए गए अधिकारी
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित जिलों और इकाइयों के रक्षित अवर निरीक्षक और सेवा-पुस्तिका प्रभारी को तय तिथियों पर पटना स्थित सरदार पटेल भवन में उपस्थित होना होगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित कर्मियों की मूल सेवा-पुस्तिका, प्रमोशन से जुड़े दस्तावेज, सत्यापन पत्र और अन्य जरूरी रिकॉर्ड के साथ समय पर पहुंचें।
मुख्यालय का निर्देश : देरी नहीं हो
मुख्यालय ने यह भी कहा है कि यदि दस्तावेजों में सुधार और सत्यापन समय पर नहीं हुआ तो प्रमोशन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि सूची में मौजूद त्रुटियों को तुरंत दुरुस्त कराकर जल्द से जल्द अंतिम मनोनयन सूची तैयार की जाए।
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