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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिला खनन कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह के मामले में इस बार काफी अच्छा काम किया है। विभाग ने जो लक्ष्य तय किया गया था, उससे कहीं ज्यादा राजस्व सरकार के खाते में जमा कराया है। इससे साफ है कि इस बार खनन विभाग की निगरानी और वसूली व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत रही।
लक्ष्य से आगे निकला खनन विभाग
जिला खनन कार्यालय को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 177012.35 लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन विभाग ने इस लक्ष्य के मुकाबले 213743.79 लाख रुपये का राजस्व समाहरण कर लिया। यानी विभाग ने 120.75 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसका मतलब यह है कि पाकुड़ खनन विभाग ने तय लक्ष्य से करीब 36,731.44 लाख रुपये ज्यादा राजस्व जमा किया है।
पिछले साल लक्ष्य से थोड़ा पीछे रह गया था विभाग
अगर पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की बात करें, तो उस समय विभाग को 125283.00 लाख रुपये का लक्ष्य मिला था। लेकिन उस साल राजस्व संग्रह 124044.47 लाख रुपये ही हो पाया था। यह लक्ष्य का 99.01 प्रतिशत था। यानि पिछले साल विभाग लक्ष्य के करीब तो पहुंचा, लेकिन थोड़ी कमी रह गई थी।
इस बार बड़ा सुधार देखने को मिला
इस बार आंकड़ों से साफ है कि खनन विभाग ने पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। राजस्व में बढ़ोतरी से सरकार को फायदा हुआ है और जिले को भी इसका लाभ मिलना तय है। खनन से मिलने वाला पैसा जिले के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं में काम आता है।
DMO राजेश कुमार ने क्या कहा
इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने लक्ष्य से ज्यादा राजस्व जमा किया है। उन्होंने कहा कि विभाग की नियमित निगरानी और लगातार कार्रवाई की वजह से राजस्व बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में भी खनन विभाग इसी तरह काम करेगा, ताकि सरकार को सही तरीके से राजस्व मिलता रहे और अवैध खनन पर भी रोक लगे।
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