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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में कोयला उत्खनन कार्य में लगी बीजीआर कंपनी से 50 लाख रुपये की लेवी मांगने का मामला सामने आया है। लेवी की यह मांग उग्रवादी संगठन टीपीसी के नाम पर की गई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
रात में पहुंचे दो नकाबपोश, कर्मियों को हड़काया
जानकारी के मुताबिक, अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बड़दाहा गांव के पास इकड़ी नाले पर कंपनी की ओर से पुल निर्माण का काम कराया जा रहा है। बीते 14 मई की रात अचानक दो नकाबपोश बदमाश निर्माण स्थल पर पहुंचे। उस वक्त साइट पर कुछ कर्मी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने वहां मौजूद कर्मचारियों को डराया-धमकाया और उनके हाथ में एक पर्चा थमा दिया। बदमाशों ने कर्मियों से उसी समय पर्चा पढ़वाया और साफ तौर पर कहा कि तय रकम नहीं दी गई तो कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

पर्चे में TPC और सरदार राय का नाम
मौके पर छोड़े गए पर्चे में उग्रवादी संगठन टीपीसी का नाम लिखा हुआ था। साथ ही टीपीसी उग्रवादी सरदार राय का भी जिक्र किया गया है। पर्चे में चेतावनी दी गई है कि 50 लाख रुपये की लेवी नहीं मिलने पर कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। घटना के बाद साइट पर काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों में डर का माहौल है। कंपनी प्रबंधन ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
कंपनी प्रबंधन ने थाने में दी लिखित शिकायत
घटना के बाद बीजीआर कंपनी प्रबंधन ने अमड़ापाड़ा थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। थानेदार अनूप रोशन भेंगरा ने बताया कि कंपनी की ओर से आवेदन मिला है और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल और आसपास के इलाकों में जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
कंपनी के पीआरओ ने की घटना की पुष्टि
बीजीआर कंपनी के पीआरओ संजय बेसरा ने भी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दो अज्ञात बदमाशों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर लेवी की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद कर्मियों से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रशासन पुलिस को पूरी जानकारी उपलब्ध करा रहा है ताकि मामले का जल्द खुलासा हो सके।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पुलिस इस मामले को सिर्फ लेवी मांगने की घटना मानकर नहीं चल रही है। जांच टीम यह भी देख रही है कि कहीं स्थानीय बदमाशों ने नक्सली संगठन का नाम इस्तेमाल कर रंगदारी वसूलने की कोशिश तो नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी जिले में कुछ मामलों में नक्सली संगठन के नाम पर रंगदारी मांगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल पुलिस ने जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी का दावा किया है।
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